(सुनील गावस्कर का कॉलम)

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचते हुए चार टेस्ट मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। सीरीज के साथ ही टीम इंडिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम ने जब यह ट्रॉफी उठाई तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे।

गावस्कर को पुरस्कार समारोह में मौजूद रहने का निमंत्रण नहीं मिला था। गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टीम इंडिया की जीत ही काफी है। भारतीय टीम को ट्रॉफी उठाते देखकर मुझे गर्व हुआ। इस ऐतिहासिक पल को देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। यह और भी शानदार होता अगर मैं वहां पर होता। क्योंकि यह पहली बार है जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया, लेकिन यह देखना बहुत था, क्योंकि मेरी भावनाएं टीम के साथ थीं। उनको जीतते हुए और ट्रॉफी उठाते हुए देखना बेहद शानदार रहा। गावस्कर इससे पहले के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पुरस्कार समारोह में मौजूद रहे थे।

चेतेश्वर पुजारा की गावस्कर ने जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014-15 के दौरे पर मिली असफलता से उन्होंने सीख लेते हुए अपनी बल्लेबाजी में कुछ बदलाव किए जिसका परिणाम सबके सामने है। पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया की उछाल वाली पिचों पर शानदार बल्लेबाजी की। जब आप उपमहाद्वीप में खेलते हैं तो आपकी शैली दूसरी होती है, क्योंकि वहां पर गेंद ज्यादा उछाल नहीं लेती है, लेकिन आप जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में होते हैं तो स्थितियां अलग होती हैं। पुजारा के धैर्य के बारे में सबको पता है।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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