(सौरव गांगुली का कॉलम)

भारतीय टीम बड़ा मायूस महसूस कर रही होगी कि उन्होंने सीरीज बराबर करने का मौका गंवा दिया, क्योंकि बारिश की वजह से मेलबर्न में शुक्रवार को खेला गया दूसरा टी-20 रद हो गया था। भारत के लिए टॉस जीतना अच्छा रहा और भारतीय तेज गेंदबाजों ने परिस्थितियों का अच्छे से फायदा उठाया और कंगारू बल्लेबाजों की कमियों को सही से पहचाना।

पहले दो मैच गाबा और एमसीजी में खेले गए। फाइनल रविवार को एससीजी में होगा। तीनों ही मैदानों की परिस्थितियां अलग हैं। ब्रिसबेन में गति और उछाल रहता है, जो बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में मदद करता है। वहीं एमसीजी में गेंद थोड़ा रुककर आती है और स्पिन होती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज सांमजस्य नहीं बैठा पाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के मैदान बड़े होते हैं और यहां पर गेंद को सीमा पार पहुंचाना कठिन होता है, खासकर एमसीजी में। ऐसे में यह देखकर बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ कि कंगारू बल्लेबाजों ने शुक्रवार को क्षेत्ररक्षकों को बाउंड्री के करीब पाया। इससे उनका भी नुकसान हुआ। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि मेजबान बल्लेबाज भारतीय बल्लेबाजों की अपेक्षा यहां की परिस्थितियों और मैदानों को बेहतर समझते हैं।

ऑस्टेलियाई टीम खुद को बहुत भाग्यशाली मानती होगी कि उन्होंने ब्रिसबेन में जीत दर्ज की। भारतीय टीम यह मैच जीत गई होती, लेकिन रिषभ पंत ने एक खराब शॉट खेलकर मैच का रुख मेजबानों की ओर मोड़ दिया। पंत में बहुत प्रतिभा है और वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य है। उनके अंदर मैदान के चारों ओर रन बनाने की काबिलियत है, लेकिन एक चीज उन्हें अपने कप्तान विराट कोहली से बहुत जल्द सीखने की जरूरत है, जो इसका एक बड़ा उदाहरण है। उन्हें यह सीखना होगा कि खेल को कितना साधारण बना दिया जाए। मुझे पूरी उम्मीद है कि पंत समय के साथ यह सीख जाएंगे।

भारतीय तेज गेंदबाज मेलबर्न में शानदार रहे। इसमें कोई दो राय नहीं कि इन परिस्थतियों में भुवनेश्वर सभी गेंदबाजों में पहली पसंद बने। भारत तीसरे टी-20 के लिए सिडनी पहुंचा है लेकिन मैं सीरीज के कार्यक्रम को देखकर अचंभित हूं। सिर्फ पांच दिनों के अंदर तीन मैच खत्म हो जाएंगे। वह भी तब जब हवाई जहाज में खिलाड़ियों को लंबा सफर तय करना होगा। सिडनी में बिल्कुल अलग चुनौतियां मिलेंगी। यहां पर पिच तीनों जगहों में सबसे ज्यादा सपाट है।

मेहमान टीम सिडनी में स्पिन की उम्मीद करती हैं, लेकिन यहां इस सत्र में बहुत जल्दी मैच हो रहा है और मुझे नहीं लगता है कि इस कारण यहां ज्यादा स्पिन होगी। हालांकि यह मैच में ही पता चलेगा कि पिच कैसी रहती है। अगर एमसीजी में पूरा खेल हुआ होता तो भारत जीत जाता और ऐसे में मेजबान फाइनल मुकाबले में बड़े दबाव में होते, क्योंकि भारतीय टीम ना सिर्फ टी-20 बल्कि टेस्ट और वनडे सीरीज जीतने का भी माद्दा रखती है। ऐसे में टी-20 के बाद टेस्ट और वनडे सीरीज भी रोचक होने वाली है।

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Posted By: Pradeep Sehgal