नई दिल्ली। रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने हाल में चौथी बार आइपीएल का खिताब जीता और अब उनके कंधों पर भारतीय टीम के विश्व कप अभियान का दारोमदार होगा। भारतीय ओपनर और सलामी बल्लेबाज रोहित इंग्लैंड में होने वाले क्रिकेट के महाकुंभ में तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। रोहित को वनडे क्रिकेट में आज के दौर का सबसे खतरनाक बल्लेबाज माना जाता है। शिखर धवन के साथ मिलकर रोहित बेहतरीन सलामी जोड़ी बनाते हैं। हालांकि, इंग्लैंड में बड़ी पारी खेलना रोहित के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा, क्योंकि तेज गेंदबाजों के मुफीद पिच पर रोहित अक्सर आसानी से विकेट गंवा बैठते हैं। फिर भी उम्मीद करनी चाहिए कि रोहित विश्व कप जैसे टूर्नामेंट की अहमियत को समझते हुए अपना विकेट तोहफे में नहीं देंगे।

कमजोरी से पार पाना होगा : रोहित के निजी कोच दिनेश लाड का कहना है कि रोहित की सबसे बड़ी कमजोरी ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों के साथ छेड़छाड़ करना है। उन्हें विश्व कप में अपनी इस कमजोरी से पार पाना होगा। रोहित यदि शुरुआती 10 ओवर में खुद पर काबू रखें और ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों से छेड़छाड़ ना करें तो उन्हें आउट करना आसान नहीं होगा। शुरुआत में रोहित को पुल और हुक शॉट खेलने से भी बचना होगा। लाड कहते हैं कि आजकल क्रिकेट बल्लेबाजों का खेल हो गया है। हर जगह बल्लेबाजी के अनुकूल पिच बन रही हैं। इंग्लैंड में भी ऐसा ही है। हालांकि, वहां गेंद स्विंग जरूर करेगी, लेकिन रोहित यदि एक बार अर्धशतक लगा लेते हैं तो इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि सामने गेंदबाज कौन है और गेंद कितनी स्विंग हो रही है। अर्धशतक लगाने के बाद तो रोहित दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज बन जाते हैं। उन्होंने पहले भी इंग्लैंड में रन बनाए हैं और इस बार भी बनाएंगे।

वनडे में सबसे खतरनाक : वनडे क्रिकेट में अब तक सिर्फ आठ दोहरे शतक लगे हैं, जिनमें से तीन रोहित के नाम हैं। वनडे क्रिकेट का सर्वाधिक निजी स्कोर भी रोहित के नाम है। रोहित को वनडे और टी-20 क्रिकेट का विशेषज्ञ बल्लेबाज माना जाता है। करीब 12 साल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव होने के बावजूद उन्होंने सिर्फ 27 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम तीन शतक दर्ज हैं। अपना पहला टेस्ट खेलने से पहले रोहित 108 वनडे मैच खेल चुके थे। वनडे में वह 206 मैचों में 22 शतक और 94 टी-20 मैचों में चार शतक जड़ चुके हैं। रोहित तीनों प्रारूपों में शतक जड़ने वाले चुनिंदा खिलाडि़यों में शामिल हैं।

बाद में बने ओपनर : दायें हाथ के बल्लेबाज रोहित ने जून 2007 में सिर्फ 20 साल की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में वनडे पदार्पण किया। सबसे छोटे प्रारूप में उनका पहला टूर्नामेंट 2007 का टी-20 विश्व कप था जिसे भारत ने महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में जीता था। रोहित पहले मध्य क्रम में खेलते थे, लेकिन 2013 से वह वनडे क्रिकेट में नियमित रूप से ओपनिंग कर रहे हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 22 में से 20 शतक बतौर ओपनर लगाए हैं। इनमें से भी वह नौ शतक उनके ऐसे रहे जिनमें वह नाबाद पवेलियन लौटे। सलामी बल्लेबाज के रूप में वह 56 से ज्यादा की औसत से 6000 से ज्यादा रन बना चुके हैं।

सबसे विध्वंसक बल्लेबाज : रोहित 2007 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें 2011 विश्व कप के लिए टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया था। ऑस्ट्रेलिया में हुए 2015 विश्व कप में उन्होंने 330 रन बनाए थे और वह धवन के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज थे। रोहित के बारे में एक बार सुनील गावस्कर ने कहा था कि वह विव रिचर्डस और वीरेंद्र सहवाग के बाद दुनिया के सबसे विध्वंसक बल्लेबाज हैं। हालांकि, रोहित 2023 का विश्व कप भी खेल सकते हैं, लेकिन वह अभी दूर की बात होगी इसलिए उम्मीद करनी चाहिए कि रोहित इस विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एक और खिताब डालना चाहेंगे।

नाम : रोहित शर्मा

उम्र : 32 साल (30 अप्रैल 1987)

जन्मस्थान : नागपुर

भूमिका : सलामी बल्लेबाज

शैली : दायें हाथ के बल्लेबाज

मौजूदा वनडे रैंकिंग : 02

वनडे करियर रिकॉर्ड

मैच, पारी, नाबाद, रन, सर्वाधिक, औसत, स्ट्राइक रेट, 100/50

206, 200, 31, 8010, 264, 47.39, 87.95 22/41

इंग्लैंड में (वनडे)

15, 15, 3, 687, 137*, 57.25, 82.87, 2/5

विश्व कप में (2015)

8, 8, 1, 330, 137, 47.14, 91.66, 1/2

आइसीसी टूर्नामेंट में (वनडे)

18, 18, 2, 811, 137, 50.68, 86.00, 2/6

साल 2019 में (वनडे)

13, 13, 00, 556, 133, 42.76, 79.31, 1/4

आइपीएल-12 (टी-20)

15, 15, 01, 405, 67, 28.92, 128.57, 0/2

 

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Posted By: Sanjay Savern