नई दिल्ली। 1996 में भारतीय प्रशंसकों का दिल तोड़कर पहला विश्व कप खिताब जीतने वाली श्रीलंका की टीम 2011 के बाद से अपने अतीत से लड़ रही है। कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने, तिलकरत्ने दिलशान और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज खिलाडि़यों के संन्यास लेने के बाद श्रीलंकाई क्रिकेट अधर में चला गया है। अब श्रीलंकाई टीम के सामने दूसरी टीमों से पहले खुद बड़े स्तर का प्रदर्शन करने की चुनौती होगी।

श्रीलंका टीम की मजबूती :

मैथ्यूज व मलिंगा से प्रेरणा : टीम को मैथ्यूज और मलिंगा से प्रेरणा लेनी होगी। कप्तानी से हटाए गए मलिंगा ने हाल ही में आइपीएल फाइनल में शानदार आखिरी ओवर डालकर मुंबई इंडियंस को एक रन से जीत दिलाई। विश्व कप में दो बार हैट्रिक लगा चुके मलिंगा और पूर्व कप्तान मैथ्यूज अपने आखिरी विश्व कप को यादगार बनाना चाहेंगे। दोनों विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और अकेले दम पर टीम को जीत दिलाना अच्छे से जानते हैं।

कप्तान करुणारत्ने से उम्मीद : चयनकर्ताओं ने दिनेश चांदीमल और निरोशन डिकवेला जैसे बड़े खिलाडि़यों को बाहर कर दिया, जिसके कारण आखिरी बार 2015 में विश्व कप खेलने वाले दिमुथ करुणारत्ने के हाथ में टीम की बागडोर होगी। इस साल की शुरुआत तक अलग-अलग प्रारूपों में चांदीमल और डिकवेला टीम के कप्तान थे लेकिन इसके बाद लसिथ मलिंगा को कमान सौंपी गई और तब से श्रीलंका लगातार 12 मैच हार गया है। करुणारत्ने के पास मात्र 18 वनडे का अनुभव है, 31 वर्षीय कुरुणारत्ने श्रीलंकाई टीम में जरूरी जान फूंक सकते हैं।

श्रीलंका की कमजोरी :

दो वर्ष में नौ कप्तान आजमाए : पिछले दो साल में अलग-अलग प्रारूप में श्रीलंका ने नौ कप्तान देखे जिससे पता चलता है कि संकट किस कदर गहरा है। इस पर एंजेलो मैथ्यूज और मुख्य कोच चंदिका हाथुरूसिंघा के मतभेदों ने समस्या बढ़ा दी थी। हथुरासिंघे ने चांदीमल को कप्तान के तौर पर पहली पसंद बताया था। उनकी टीम में करुणारत्ने के लिए जगह भी नहीं थी। अब देखना यह है कि ये कैसे मिलकर टीम को जीत की राह पर ला पाते हैं।

2015 विश्व कप के बाद खराब प्रदर्शन : सनथ जयसूर्या जैसे शानदार खिलाड़ी समेत कई पर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण श्रीलंकाई क्रिकेट गहरे संकट के दौर से जूझ रहा है। विश्व कप 2015 के बाद से 84 में से 55 वनडे हार चुकी श्रीलंकाई टीम मई 2016 के बाद से एक भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीती है। यही नहीं 2017 में जिंबाब्वे ने उसे 3-2 से हरा दिया।

श्रीलंकाई टीम : अविष्का फर्नाडो, दिमुथ करुणारत्ने (कप्तान), कुशल मेंडिस, लाहिरू थिरिमाने, जेफ्री वांडर्से, लसिथ मलिंगा, सुरंगा लकमल, नुवान प्रदीप, एंजेलो मैथ्यूज, धनंजय डि सिल्वा, थिसारा परेरा, इसुरू उडाना, जीवन मेंडिस, मिलिंडा सिरिवरदना, कुशल परेरा (विकेटकीपर)

विश्व कप में प्रदर्शन

वर्ष, मेजबान, सफर

1975, इंग्लैंड, ग्रुप स्तर

1979, इंग्लैंड, ग्रुप स्तर

1983, इंग्लैंड, ग्रुप स्तर

1987, भारत, ग्रुप स्तर

1992, ऑस्ट्रेलिया, ग्रुप स्तर

1996, भारत, विजेता

1999, इंग्लैंड, ग्रुप स्तर

2003, दक्षिण अफ्रीका, सेमीफाइनल

2007, वेस्टइंडीज, उप विजेता

2011, भारत, उप विजेता

2015, ऑस्ट्रेलिया, क्वार्टरफाइनल

इस विश्व कप में श्रीलंका के मैच

दिन, बनाम, समय

1 जून, न्यूजीलैंड, 15:00

4 जून, अफगानिस्तान, 15:00

7 जून, पाकिस्तान, 15:00

11 जून, बांग्लादेश, 15:00

15 जून, ऑस्ट्रेलिया, 15:00

21 जून, इंग्लैंड, 15:00

28 जून, दक्षिण अफ्रीका, 15:00

1 जुलाई, वेस्टइंडीज, 15:00

6 जुलाई, भारत, 15:00

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Posted By: Sanjay Savern