नई दिल्ली, जेएनएन। एशिया कप 2018 में इस बार भारत के अलावा अन्य पांच टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस बार भी भारत को एशिया कप का खिताब जीतने का दावेदार माना जा रहा है। भारत इससे पहले छह बार ये खिताब अपने नाम कर चुका है और वो डिफेंडिंग चैंपियन भी है। पर क्या इस बार उससे लिए ये खिताब जीत पाना आसान होगा तो इसका जबाव है शायद नहीं। आइए जानते हैं कि वो कौन से कारण है जिसकी वजह से भारत के लिए एशिया कप 2018 का खिताब जीत पाना आसान नहीं होगा। 

भारत की बल्लेबाजी

इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय बल्लेबाजी मजबूत है पर विराट की गैरमौजूदगी में ये थोड़ी सी कमजोर तो जरूर हो जाएगी। भारतीय बल्लेबाजों की कई कमजोरियां हैं और विरोधी टीम इसका फायदा उठाती है। बाउंसर के आलावा भारतीय बल्लेबाज बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों को खेलने में जरा परेशानी महसूस करते हैं। ऐसे में मो.आमिर और मुस्ताफिजुर रहमान इस टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। भारत के पास खुद रिस्ट स्पिनर्स हैं बावजूद इसके भारतीय बल्लेबाजों को रिस्ट स्पिनर के खिलाफ बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। भारतीय बल्लेबाज अकीला धनंजय और राशिद खान जैसे रिस्ट स्पिनर्स के सामने संघर्ष कर सकते हैं। इस टूर्नामेंट के दौरान भारत को हसन अली का सामना भी करना पड़ेगा जिन्होंने वर्ष 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को काफी परेशान किया था। 

भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह से रोहित शर्मा व शिखर धवन पर निर्भर करेगा। इन दोनों को रन बनाना पड़ेगा खासतौर पर अहम मुकाबलों में। भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी और भारत कोई भी मैच 250 के कम स्कोर पर नहीं जीत सकता। टीम के फीनिशर जैसे की धौनी और हार्दिक पांड्या को भी परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी करनी होगी। 

भारतीय टीम की गेंदबाजी

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम के गेंदबाज इंग्लिश टीम के खिलाफ विकेट लेने में ज्यादा सफल नहीं हो पाए थे। इस वनडे सीरीज में कुलदीप यादव ने तीन मैचों में नौ विकेट लिए थे जबकि युजवेंद्र चहल विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर थे। इसके बाद भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज उमेश यादव थे जिन्होंने 44.33 की औसत से रन देते हूए सिर्फ तीन विकेट लिए थे। उमेश यादव एशिया कप की टीम में शामिल नहीं किए गए हैं। वनडे में विकेट काफी अहम होता है। भारतीय तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कमाल की गेंदबाजी की। इनमें बुमराह को छोड़कर कोई अन्य गेंदबाज एशिया कप के लिए टीम में नहीं है। भुवी टीम में हैं लेकिन फ्लैट ट्रैक पर उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। 

दुबई का कंडीशन

भारतीय टीम ने आखिरी बार 18 वर्ष पहले यूएई में क्रिकेट सीरीज खेली थी। मौजूदा टीम को वहां के कंडीशन के बारे में कुछ भी पता नहीं है। सीनियर खिलाड़ियों की तरफ से जरूर कहा जाएगा कि यूएई का मौसम गर्म है और यहां का विकेट भारत के जैसा ही है लेकिन जब तक खिलाड़ी वहां नहीं खेलेंगे उन्हें वहां के रियल विकेट के बारे में पता नहीं चल पाएगा। यानी भारत को वहां कि परिस्थिति के बारे में समझने के लिए ही कुछ वक्त लग जाएगा। 

कम नहीं हैं विरोधी टीमें

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए पिछला कुछ समय काफी शानदार रहा है। इस टीम ने पिछले वर्ष चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के अलावा कई टेस्ट मैच और टी20 मुकाबले भी जीते हैं। पाकिस्तान की टीम को कम आंकना सही नहीं होगा। बांग्लादेश की टीम भी चौंकाने की ताकत रखता है। श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीम भी अगर वक्त सही रहे तो उलटफेर कर सकते हैं। हांगकांग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस टूर्नामेंट में जगह बनाई है और वो टीम भी इस कंडीशन में कुछ करने की ताकत रखती है। भारतीय टीम के लिए इस टूर्नामेंट को जीतने का भी अच्छा मौका है लेकिन उन्हें अपने किसी भी विरोधी को हल्का समझने की भूल करने से बचना होगा। 

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Posted By: Sanjay Savern