नई दिल्ली, जेएनएन। इन दिनों आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में कॉमेंटेटर के रूप में नजर आ रहे वीरेंद्र सहवाग अपने चुटीले और विवादित ट्वीट्स के लिए जाने जाते हैं। सहवाग हाल ही में खत्म हुए आइपीएल में पंजाब की टीम के मेंटॉर भी थे और अब वह टीम इंडिया के हेड कोच बनने की रेस में भी हैं। 

सहवाग जिस अंदाज में अपने ट्वीट करते हैं, उसी तरह से उन्होंने टीम इंडिया के कोच पद के लिए अप्लाई किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कोच पद के लिए कोई सीवी नहीं भेजा है और केवल दो लाइनें लिखी हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उन्होंने अपने ई-मेल में लिखा है, 'मैं IPLकी टीम किंग्स इलेवन पंजाब का मेंटॉर हूं और मौजूदा टीम इंडिया के हर खिलाड़ी के साथ खेल चुका हूं।' सहवाग को शायद उम्मीद रही होगी कि उन्हें अपना इससे ज्यादा परिचय देने की जरूरत नहीं है। 

वैसे टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन कर चुके सहवाग के बारे में एक और मजेदार बात पता चली है। यह बात टीम इंडिया में स्पिन ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने बताई है। उन्होंने कहा है कि सहवाग को टीम मीटिंग्स में जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। 

अश्विन ने एक कॉमेडी शो की शूटिंग के दौरान बताया कि 2011 विश्व कप के दौरान सहवाग ने तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन से कहा कि उन्हें मीटिंग में अपनी बात रखनी है। 

2 मिनट की टीम मीटिंग से भी भागने वाले सहवाग के मुंह से ऐसी बात सुनकर सभी साथी खिलाड़ी चौंक गए। उन्हें लगा कि सहवाग कुछ जरूरी बात कहेंगे जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया। सहवाग ने मीटिंग में जब अपना मुंह खोला तो सभी खिलाड़ी मुंह छिपाकर हंस रहे थे। दरअसल उन्होंने कहा था कि हर खिलाड़ी को तीन के बजाए छह पास मिलने चाहिए। यही नहीं, उन्होंने तो पास न मिलने की स्थिति में मैच न खेलने की धमकी भी दे डाली थी। 

इससे पता चलता है कि सहवाग टीम मैनेजमेंट, कोच या कप्तान के कहे मुताबिक नहीं अपने ही अंदाज में बल्लेबाजी किया करते थे। वैसे उनका यह रवैया आने वाले दिनों में उन्हें परेशान कर सकता है। वह अगर टीम इंडिया के कोच बनते हैं तो उनके सामने भी ऐसी स्थिति आ सकती है और वह ऐसे खिलाड़ी को पसंद नहीं करेंगे जो उनकी बात न सुने।

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Posted By: Bharat Singh

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