नई दिल्ली, जेएनएन। इस ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट में अपने फेवरेट मैदान एडिलेड में तो कप्तान विराट कोहली शतक लगाने से चूक गए लेकिन पर्थ टेस्ट में उन्होंने अपनी कसर पूरी कर ली। पर्थ की उछाल भरी पिच पर विराट का ये शतक भारतीय टीम के लिए संजीवनी सा रहा। उनके शतक के दम पर ही भारतीय टीम दूसरी पारी में 283 के स्कोर तक पहुंच सकी। इसकी अहमियत सबसे ज्यादा इसलिए भी है कि उन्होंने ये पारी बहुत ही विषम परिस्थिति में खेली। विराट ने अपने ये टेस्ट शतक बहुत ही धीमे खेलते हुए लगाया। ये टेस्ट क्रिकेट में विराट का दूसरा सबसे धीमा शतक रहा। 

214 गेंदों पर विराट ने पूरा किया अपना शतक

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच की पहली पारी में विराट ने काफी धैर्यभरी पारी खेलते हुए अपना शतक 214 गेंदों पर पूरा किया। ये उनसे टेस्ट करियर का दूसरा सबसे धीमा शतक साबित हुआ। इससे पहले वर्ष 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना शतक 289 गेंदों पर पूरा किया था। पहली पारी में विराट ने 257 गेंदों का सामना करते हुए 123 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके व एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 47.86 का रहा। 

नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए विराट ने पूरे किए 5000 रन

विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट की अब तक की 86 पारियों में अपने 5000 रन पूरे कर लिया। इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीकी ऑल राउंडर जैक्स कैलिस ने 87 पारियों में 5000 रन पूरे किए थे। अब विराट ने कैलिस को पीछे छोड़ दिया है इस नंबर पर टेस्ट में सबसे तेज 5000 रन पूरे करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। 

कप्तान के तौर पर विराट का 34वां अंतरराष्ट्रीय शतक

कप्तान के तौर पर विराट कोहली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 34वां शतक लगाया। इस इस मामले में उनसे आगे सिर्फ पूर्व ऑस्ट्रेलिया कप्तान रिकी पोंटिंग ही हैं। पोंटिंग ने अपने क्रिकेट करियर में कप्तान के तौर पर 41 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए थे। 

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Posted By: Sanjay Savern

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