नई दिल्ली, जेएनएन। ICC cricket world cup 2019: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नंबर चार की समस्या जो काफी वक्त पहले से बरकरार थी, विश्व कप में भी इससे छुटकारा नहीं मिला पाया। पूरे विश्व कप में इस नंबर के लिए टीम इंडिया बल्लेबाजों की तलाश करती रही। लीग मुकाबलों में जीत की वजह से ये कमी ज्यादा सामने नहीं आ पाई, लेकिन फाइनल में टॉप आर्डर के तीन बल्लेबाजों के आउट होने के बाद इस नंबर की अहमियत एक बार फिर से सबके सामने आई। इस नंबर पर टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो टीम का आधार बन सके पर रिषभ पंत ये काम करने से चूक गए। 

भारतीय कप्तान विराट कोहली टीम की इस कमजोरी को काफी अच्छी तरह से जानते थे और वो चाहते थे कि सेमीफाइनल में वो इस क्रम पर बल्लेबाजी करें। पर टीम मैनेजमेंट उनकी इस बात पर सहमत नहीं हुई और उन्हें तीसरे नंबर पर ही उतरना पड़ा। खबरों के मुताबिक सेमीफाइनल में भारतीय कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए तैयार बैठे थे। इसी दौरान उन्होंने टीम के कोच रवि शास्त्री, बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ और टीम के सीनियर खिलाड़ी एम एस धोनी से चर्चा की कि वो नंबर चार पर बल्लेबाजी करने जाएं तो कैसा रहेगा पर उनकी इस बात पर सहमति नहीं बन पाई। 

विराट चाहते थे कि उनसे पहले रिषभ पंत या हार्दिक पांड्या जाकर बल्लेबाजी करें जिससे कि विकेट की नमी और ताजापन में कुछ कमी आ जाए, लेकिन जैसे भी भारत का पहला विकेट रोहित के तौर पर गिरा तीसरे नंबर पर विराट को ही बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा। आपको बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबला बारिश की वजह से दो दिन में खेला गया था। टीम इंडिया को जीत के लिए 240 का लक्ष्य मिला था, लेकिन भारतीय टीम ने अपने शुरुआती अहम तीन विकेट पांच रन पर ही गंवा दिए। हालांकि कुछ ओवरों के बाद पिच बल्लेबाजी के लायक हुई भी थी और टीम इंडिया की तरफ से धोनी और जडेजा ने जीत दिलाने की कोशिश भी की, लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए। इस मैच में धोनी का निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए आना भी समझ नहीं आया और इसे भी हार का मुख्य वजह माना जा रहा है।  

Posted By: Sanjay Savern