नई दिल्ली, जेएनएन। श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में दोहरा शतक जड़ते हुए अपने करियर का सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इस टेस्ट के दौरान उन्हें अपनी बल्लेबाजी का यह पहलू भी पता चला कि टेस्ट मैच में गेंद को हिट करना वनडे से कुछ अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए नई बात ही थी।

कोहली को पता चली ये नई बात

कोहली ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से बताऊं तो मैं बहुत ही अच्छी तरह गेंद हिट कर रहा था और यह एक तरह से मेरे लिए नई बात ही थी कि मैं टेस्ट में भी गेंद को उसी तरह हिट कर सकता हूं और उतनी ही तेजी से रन बना सकता हूं जैसा मैं वनडे में करता हूं। मैं हमेशा इससे थोड़ा हिचकता था, लेकिन इसने मुझे महसूस कराया कि आप टेस्ट क्रिकेट में भी खेल को आगे बढ़ा सकते हैं।

कप्तान बन कर हुआ ये अंदाज़ा

कोहली ने कहा कि जब मैं कप्तान नहीं था, तो हर बार हालात का अंदाजा लगाना मुश्किल था। जब मैं टेस्ट क्रिकेट में पैर जमा रहा था तो मैं दबाव में था। अब बतौर कप्तान मुझे शतक या 150 रन पहुंचने के बाद बल्लेबाजी करते रहना जारी रखना पड़ता है और जितने ज्यादा संभव हो रन जुटाकर आगे बढ़ते रहना होता है या फिर अगर मैं दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहा हूं तो ऐसे हालात बनाने होते हैं जिसमें गेंदबाज को विपक्षी टीम को बाद में आउट करने के लिए एक अतिरिक्त ओवर मिल जाए।

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Posted By: Pradeep Sehgal