कोलंबो, जेएनएन। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के सामने बड़ी समस्या आ गई है। रवींद्र जडेजा के एक मैच के सस्पेंशन के बाद अब वो तीसरे टेस्ट में कौन सा दूसरा स्पिन गेंदबाज़ प्लेइंग इलेवन में शामिल करें इसे लेकर वो थो़ड़ा परेशान हैं। जडेजा पर लगे एक टेस्ट मैच के बैन के बाद अक्षर पटेल को श्रीलंका की टिकट थमाई गई है और चर्चा है कि तीसरे टेस्ट में अक्षर पटेल को मौका दिया जा सकता है। वहीं इस दौरे की शुरूआत से ही कुलदीप यादव टीम इंडिया के साथ हैं और उन्होंने अभी तक जितने भी मौके मिले हैं खुद को साबित भी किया है।

विराट के सामने ये है विकल्प

कोहली के सामने अब दिक्कत ये है कि इन दोनों स्पिन गेंदबाज़ों में से किसे अंतिम ग्यारह में शामिल किया जाए। वैसे कोहली के पास ये भी विकल्प है कि वो तीसरे टेस्ट मैच में तीन स्पिन गेंदबाज़ों के साथ उतर सकते हैं। क्योंकि कुलदीप यादव चाइनामैन गेंदबाज़ है और श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों ने टेस्ट में उनका सामना भी नहीं किया है, वहीं अश्विन दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज़ हैं तो वहीं अक्षर पटेल बाएं हाथ से ऑर्थोडोक्स स्पिन गेंदबाज़ी करते हैं। ऐसे में विराट सेना के पास स्पिन गेंदबाज़ी में ज़्यादा वैराइटी आ जाएगी। लेकिन इसके लिए कोहली को एक तेज़ गेंदबाज या फिर हार्दिक पांड्या को बाहर का रास्ता दिखाना होगा।

अब कोहली का फैसला जो भी हो लेकिन चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को पूरी उम्मीद है कि अपनी कड़ी मेहनत के दम पर वह श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में अंतिम एकादश में जगह बनाने में सफल रहेंगे। उनकी इस एक स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा अक्षर के साथ है, जिन्हें निलंबित रवींद्र जडेजा की जगह टीम में लिया गया है।

अक्षर को भले ही श्रीलंका में टीम से जुड़ने के लिए बुलाया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि अब तक प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले कुलदीप अंतिम एकादश में जगह बनाने में सफल रहेंगे। वह शुरू से ही तीसरे स्पिनर के रूप में टीम के साथ बने हुए हैं। कुलदीप ने कहा, ‘बेशक मैं काफी उत्साहित हूं। मैं अपने पदार्पण टेस्ट मैच को लेकर भी उत्साहित था। इसलिए अगर मुझे श्रीलंका में खेलने का मौका मिलता है तो मुझे बहुत खुशी होगी, क्योंकि यह मेरी कड़ी मेहनत का फल होगा। उत्साहित होने के साथ ही मैं नर्वस भी हूं, क्योंकि मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं।’

शास्त्री बढ़ा रहे हैं मनोबल

उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट नहीं है कि मैं खेल पाऊंगा या नहीं, क्योंकि मैच शुरू होने में अभी तीन दिन बचे हैं। लेकिन मैं जब से यहां आया हूं तब से रवि शास्त्री सर मेरा मनोबल बढ़ा रहे हैं। मैं लगातार नेट्स पर अभ्यास कर रहा हूं और यहां तक कि पहले टेस्ट मैच के पूर्व से वह नेट्स पर मुझसे बात करते रहे हैं। यह अच्छा अनुभव है। अगर कुलदीप अंतिम एकादश में जगह बनाते हैं तो यह उनका दूसरा टेस्ट मैच होगा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला में पदार्पण किया था। पहली पारी में 68 रन देकर चार विकेट लिए और उन्होंने भारत को सीरीज में 2-1 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘जब आपके नंबर एक व नंबर दो स्पिनर (अश्विन और जडेजा) खेल रहे हों तो आपको इंतजार करना पड़ता है। आप आसानी से जगह नहीं बना सकते। यही क्रिकेट का नियम है।’

मेरे खेल के बारे में अरुण जानते हैं

कुलदीप ने कहा, ‘मैं उनके (अश्विन व जडेजा) साथ अधिक से अधिक समय बिताने की कोशिश करता हूं और उनसे बात करता हूं जिससे मुझे काफी मदद मिलती है। मैंने उनसे विशेषकर टेस्ट मैच खेलते हुए काफी कुछ सीखा है। मैं भरत अरुण के साथ भी पिछले दस वषों से काम कर रहा हूं जब मैं अंडर 16 और फिर अंडर-19 में खेला करता था। मैं उनसे काफी बातें साझा करता हूं और वह मेरे साथ गेंदबाजी को लेकर काफी बातें करते हैं। वह जूनियर क्रिकेट से ही मेरे खेल के बारे में जानते हैं और वह समझते हैं कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं।’

बदल गई है जिंदगी

जब से इस 22 वर्षीय खिलाड़ी को तीसरे स्पिनर के रूप में टीम में रखा गया तब से उनकी जिंदगी ही बदल गई। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज अपना पदार्पण टेस्ट खेलना था। उससे बड़ा क्षण कुछ नहीं हो सकता। मैं तब भी बहुत नर्वस था। काफी दबाव में था और मैं रात को सो नहीं पाया था। जब आपका सपना पूरा होने के करीब होता है तो आप थोड़ा बैचेन हो जाते हो और टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरा सपना था।’

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Posted By: Pradeep Sehgal

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