नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। भारतीय चयनकर्ता साल 2014 से 2019 तक वनडे टीम के लिए चार नंबर का बल्लेबाज खोजते रहे और इस साल इंग्लैंड में हुए विश्व कप में उन्होंने मध्यक्रम में ऐसे खिलाड़ी उतारे जो टीम इंडिया की हार की वजह बने। वनडे विश्व कप के बाद से एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयनसमिति, स्थायी कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने मिलकर अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका देने का नया शिगूफा फेंका।

इस शिगूफे के कारण टी-20 टीम से कलाई के स्पिनरों कुलदीप यादव और युजवेंद्रा सिंह चहल की सफलतम जोड़ी को भी बाहर कर दिया गया। किसी तरह चहल बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 टीम में वापसी करने में सफल रहे जबकि कुलदीप चोटिल हैं। चयनकर्ताओं, कोच और कप्तान ने इन दोनों को जो मानसिक आघात पहुंचाया है उससे इन्हें उबरने में समय लगेगा और इसका असर टीम इंडिया पर भी पड़ेगा।

बिगड़ रही है बनी-बनाई टीम

अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही नौवें नंबर की बांग्लादेशी टीम अगर रविार को अरुण जेटली स्टेडियम में टी-20 इतिहास में दुनिया की पांचवें नंबर की टीम इंडिया को हराने में सफल रही तो उसके पीछे उनकी टीम का अच्छा प्रदर्शन तो है ही, साथ ही इसमें भारत की भी रणनीतिक खामी है। ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई टीम विश्व कप टीम बनाने के लिए अपनी बनी-बनाई टीम को बिगाड़ रही है।

रोहित के हाथ में कमजोर टीम

फिलहाल इस सीरीज में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा टीम के कप्तान हैं और उन्हें जो टीम दी गई है उसमें से ही उन्हें बेहतर निकालना है। अब गुरुवार को राजकोट में दोनों टीमें फिर आमने-सामने होंगी। ऐसे में रोहित को नई रणनीति के साथ दूसरे टी-20 में उतरना होगा। अब देखना ये है कि क्या रोहित शर्मा की अगुआई वाली ये कमजोर सी भारतीय टीम सीरीज बराबर कर पाएगी या फिर सीरीज में हार मिलेगी?  

Posted By: Vikash Gaur

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