नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक कप्तान के रूप में पहचान बनाने वाले सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का अध्यक्ष चुना गया है। भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर ऑलराउंडर जगह बनाने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के BCCI का अध्यक्ष बनने की घोषणा सोमवार दोपहर पूर्व उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने की।

सौरव गांगुली का नाम भारत के उन कप्तानों में लिया जाता है जिन्होंने विश्व क्रिकेट में टीम इंडिया को नई पहचान दिलाई। गांगुली ने टीम इंडिया में बतौर ऑलराउंडर जगह बनाई थी उसके बाद वह कप्तान बने और अब उन्होंने BCCI प्रमुख के पद के लिए चुना गया है।

आसान नहीं रहा गांगुली का क्रिकेट सफर

सौरव गांगुली ने साल 1992 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। पहले मैच गांगुली महज 3 रन बना पाए और उनको टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद अगले चार साल तक गांगुली को टीम इंडिया से बाहर रखा गया। साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में उनकी वापसी हुई। इसके बाद अपनी जगह को धीरे धीरे बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने टीम में पक्का कर लिया।

मुश्किल दौर में संभाली टीम इंडिया की कप्तानी

भारतीय टीम की कप्तानी सौरव गांगुली ने बेहद मुश्किल दौर में संभाली थी। क्रिकेट पर मैच फिक्सिंग का साया गहराया हुआ था और क्रिकेट विवादों में घिर चुका था। पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की जगह गांगुली के हाथों में टीम की कमान आई और विश्व क्रिकेट ने कप्तानी का नया दौर देखा।

1999 से 2005 तक भारतीय टीम की कमान संभालने वाले गांगुली ने 146 वनडे और 49 टेस्ट में कप्तानी का जिम्मा उठाया। वनडे में भारतीय टीम को गांगुली की कप्तानी में 76 जबकि टेस्ट में 21 जीत हासिल हुई। 

चैपल से हुआ विवाद

सौरव गांगुली और पूर्व कोच ग्रेग चैपल का विवाद सरेआम हो गया था। गांगुली ने ही पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग को भारतीय टीम का कोच बनाए जाने की वकालत की थी। कोच बनने के बाद गांगुली और चैपल के बीच मतों का टकराव हुई और बात इतनी बढ़ी की गांगुली को कप्तानी गंवाने से साथ टीम से बाहर तक जाना पड़ गया।  

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