अंकुश शुक्ला, कानपुर। बात दिसंबर 2014 की है, ग्रीनपार्क का मैदान था और उत्तर प्रदेश व मुंबई के बीच रणजी ट्राफी का मैच था। मुंबई की टीम पिछले दो मैचों में से एक में जम्मू-कश्मीर से हार चुकी थी और दूसरे में रेलवे के साथ ड्रा खेला था, लेकिन पहली पारी की बढ़त नहीं ले पाई थी। मुंबई का अभियान पटरी से उतरता नजर आ रहा था और उत्तर प्रदेश के खिलाफ मैच उसके लिए प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया था। ग्रीनपार्क का यह मैच न सिर्फ उस सत्र में मुंबई का तीसरा मैच था, बल्कि श्रेयस अय्यर के प्रथम श्रेणी और रणजी करियर का भी सिर्फ तीसरा ही मैच था।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में पदार्पण किया था और करियर के पहले दोनों मैचों में बुरी तरह से नाकाम रहे थे। इस तरह से मुंबई और अय्यर की नाकामी साथ चल रही थी और अब अय्यर के करियर के लिए भी ग्रीनपार्क का मैच करो या मरो का बन चुका था। इस मैच में न तो मुंबई ने निराश किया और न ही अय्यर ने। यूपी की टीम के खिलाफ इस मैच में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे अय्यर ने 75 रन बनाए और उनके इस स्कोर ने मुंबई को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस तरह ग्रीनपार्क अय्यर के प्रथम श्रेणी करियर के लिए अहम मोड़ साबित हुआ और अब सात साल बाद एक बार फिर ग्रीनपार्क ने अय्यर के साथ अपना याराना निभाया।

अय्यर ने गुरुवार को ग्रीनपार्क में ही टेस्ट पदार्पण करते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन शानदार अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 136 गेंदों में सात चौकों व दो छक्कों की मदद से नाबाद 75 रन बनाए। साथ ही उन्होंने रवींद्र जडेजा के साथ पांचवें विकेट के लिए 113 रन की अटूट शतकीय साझेदारी भी की। जडेजा 100 गेंदों पर छह चौकों के दम पर नाबाद 50 रन बनाकर अय्यर का साथ निभा रहे हैं। पहले दिन के खेल में भारतीय टीम ने चार विकेट पर 258 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड की ओर से तेज गेंदबाज काइल जेमिसन ने 47 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।

भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टास जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। केएल राहुल की गैरमौजूदगी में भारत की ओर से पारी का आगाज मयंक अग्रवाल के साथ युवा शुभमन गिल ने किया। भारत को 21 रनों के स्कोर पर पहला झटका मयंक (13) के रूप में लगा। वह जेमिसन की गेंद पर विकेट के पीछे टाम ब्लंडेल को कैच थमा बैठे। जेमिसन का यह एशियाई देशों में पहला टेस्ट विकेट है। इसके बाद उप कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने शुभमन के साथ रक्षात्मक तरीके से खेलते हुए टीम को संभाला। 17 वें ओवर में शुभमन ने एक चौका व छक्का लगाकर टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया। भोजनकाल से ठीक पहले शुभमन ने अपना अर्धशतक पूरा किया।

भोजनकाल के तुरंत बाद शुभमन (52) को जेमिसन ने बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। 82 रन पर दो विकेट गिर चुके थे और अब क्रीज पर कप्तान अजिंक्य रहाणे और उप कप्तान पुजारा थे। पुजारा ने अपना पिछला टेस्ट शतक जनवरी 2019 में लगाया था और उसके बाद से वह 23 टेस्ट और 39 पारियों से शतक नहीं जड़ सके हैं। इस दौरान उनका औसत भी सिर्फ 28.78 का रहा है। पुजारा (26) के पास शतक का लंबा इंतजार खत्म करने का शानदार मौका था, लेकिन तेज गेंदबाज टिम साउथी की बाहर जाती गेंद पर बल्ला चलाना उन्हें भारी पड़ गया और गेंद बल्ले को छूते हुए विकेट के पीछे ब्लंडेल के दस्तानों में चली गई। खराब फार्म से जूझ रहे कप्तान रहाणे (35) की असफलता का सिलसिला ग्रीनपार्क में भी जारी रहा। वह जेमिसन की बाहर जाती गेंद को बैकफुट पर जाकर कट करने के प्रयास में अपने विकेटों पर खेल बैठे। इससे ठीक पहली गेंद पर उन्हें डीआरएस ने आउट होने से बचाया था, लेकिन इस जीवनदान का वह फायदा नहीं उठा सके।

चार विकेट 145 रन पर गिर चुके थे और यहां से पर्दापण कर रहे अय्यर के साथ जडेजा ने जिम्मेदारी संभाली और दिन का खेल खत्म होने तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया। मैदान के चारों ओर शानदार शाट लगाकर टीम को पहले दिन सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतकीय पारी खेलकर अंतिम सत्र को भारतीय टीम के नाम कराया। अंतिम सत्र में भारतीय टीम ने बिना किसी नुकसान के 96 रन जोड़े।

दो रवींद्र, दो पटेल

मैच में बेहद रोचक संयोग भी देखने को मिला। दोनों टीमों की ओर से एक-एक रवींद्र नाम के खिलाड़ी और एक-एक पटेल सरनेम वाले खिलाड़ी भी मैदान में उतरे। भारत की टीम में रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल खेल रहे हैं तो न्यूजीलैंड की ओर से रचिन रवींद्र और एजाज पटेल टीम का हिस्सा हैं।

Edited By: Vikash Gaur