नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पहले दो मुकाबलों को जीतकर भारत ने वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर रखी थी लिहाजा आखिरी वनडे हारने के बाद भी सीरीज भारत के नाम रही। इस मैच में युवाओं पर भरोसा जताना कोच राहुल द्रविड़ पर भारी पड़ा।

तीन मैचों की सीरीज के आखिरी वनडे में भारतीय 43.1 ओवर में महज 225 रन पर ही सिमट गई। बारिश की वजह से मैच को 47-47 ओवर का कर दिया गया था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम ने 39 ओवर में 7 विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली। आखिर में टीम को भले ही कुछ झटके लगे लेकिन मैच उनकी पकड़ से कभी भी बाहर नहीं हुआ था। 48 गेंद शेष रहते ही 3 विकेट बचाकर श्रीलंका ने भारत पर जीत हासिल की।

कोच द्रविड़ के फैसले से हारी टीम

तीसरे मैच मैच में कोच द्रविड़ ने एक साथ पांच खिलाड़ियों को वनडे डेब्यू करने का मौका दिया। गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह से नया था और इसमें एक भी अनुभवी गेंदबाज नहीं थे। दीपक चाहर और भुवनेश्वर कुमार के साथ साथ कुलदीप और युजवेंद्र को भी आराम दिया गया था। हार्दिक पांड्या अकेले ऐसे गेंदबाज थे जिनके पास वनडे का अनुभव था लेकिन वह इसी सीरीज में गेदबाजी में दोबारा लौटे हैं।

5 खिलाड़ियों का डेब्यू

श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में विकेटकीपर संजू सैमसन, बल्लेबाज नितिश राणा, गेंदबाज राहुल चाहर, चेतन साकरिया और कृष्णप्पा गौतम को वनडे की कैप दी गई है। इसमें से सैमसन और राहुल ने प्रभावित किया बाकी कोई अपनी खास छाप नहीं छोड़ पाया। शुरुआती विकेट ना हासिल कर पाने की वजह से भारतीय टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर पाई।

 

Edited By: Viplove Kumar