नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय टीम के टेस्ट के प्रीमियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अब इस बात का खुलासा कर दिया है कि उन्होंने आइपीएल फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब को क्यों छोड़ा, जबकि वे उस टीम के कप्तान थे। पिछले साल ऑक्शन से ठीक पहले ट्रेड विंडो के तहत वे किंग्स इलेवन पंजाब से दिल्ली कैपिटल्स में आ गए थे। पंजाब की टीम ने साल 2018 के ऑक्शन में उनको 7.6 करोड़ रुपये में खरीदा था।

पंजाब से पहले आर अश्विन चेन्नई सुपर किंग्स और राइजिंग पुणे सुपरजाएंट के लिए खेल चुके थे। नेस वाडिया और प्रीति जिंटा के मालिकाना हक वाली किंग्स इलेवन पंजाब ने तमिलनाडु के इस ऑफ स्पिनर को कप्तान नियुक्त किया था, लेकिन 2018 और 2019 के सीजन में टीम अच्छी शुरुआत के बाद अपनी लय से भटक गई थी और प्ले ऑफ के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर सकी थी। पिछले सीजन में पंजाब की टीम छठे नंबर पर थी।

2020 की सत्र के लिए KXIP ने अनिल कुंबले को मेंटॉरशिप की भूमिका में रखा, जिन्होंने इससे पहले आरसीबी और मुंबई इंडियंस के लिए काम किया था। किंग्स इलेवन पंजाब का कप्तान अनिल कुंबले ने केएल राहुल को नियुक्त किया था। वहीं, हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव में दिल्ली कैपिटल्स से बात करते हुए आर अश्विन ने कहा है कि दिल्ली के पास एक्साइटिंग प्लेयर्स हैं और वे अपने अनुभव से गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करना चाहते हैं।

आर अश्विन ने कहा है, "मैं उस फ्रेंचाइजी के लिए खेलने आया हूं, जिसने पिछले सीजन में प्ले ऑफ के लिए क्वालीफाई किया और इसमें रिषभ पंत और पृथ्वी शॉ जैसे एक्साइटिंग प्लेयर्स हैं। मैंने सोचा कि मैं अपना अनुभव फ्रेंचाइजी के लिए प्रयोग कर सकता हूं और टीम में सुधार ला सकता हूं। अगर मैं गेंदबाजी को मजबूत करने में मदद कर सकता हूं, तो हम खिताब के दावेदार बन सकते हैं, मैं इस इरादे से दिल्ली की टीम के साथ जुड़ा हूं।"

Posted By: Vikash Gaur

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