नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान में स्पॉट फिक्सिंग का मामला एक बार फिर से गर्माया हुआ है। फिक्सिंग के इस मुद्दे को लेकर कई खिलाड़ियों ने अपना पक्ष रखा है। लेकिन अब इस मुद्दे पर पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान सना मीर ने एक बयान दिया है। सना मीर का कहना है कि इस मामले में जो दोषी पाए जाएं, उन पर अजीवन प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने हाल ही में शरजील खान, खालिद लतीफ, शहजेब खान, नासिर जमशेद और मोहम्मद इरफान को पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में स्पॉट फिक्सिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए निलंबित कर दिया।

पीएसएल मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सना ने कहा कि खेल की साख पर बट्टा लगाने वाली ऐसी हरकतों को गंभीर रूप से लिया जाना चाहिए। पाकिस्तान के अखबार डॉन ने सोमवार को सना के हवाले से लिखा, ‘देश को जो भी अपमानित करे उसे प्रतिबंधित कर देना चाहिए और सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए’।

उन्होंने कहा, ‘मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग ने पाकिस्तान और पाकिस्तान की क्रिकेट की छवि को खराब किया है’। इसके साथ ही सना ने कहा कि ,’यह बेहद गंभीर मुद्दा है और इसे उसी तरह से लिया जाना चाहिए। फिक्सिंग के दोषी खिलाड़ियों को पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का मौका कभी नहीं मिलना चाहिए’।

यह पहली बार नहीं है जब स्पॉट फिक्सिंग से पाकिस्तान परेशान हुआ है। इससे पहले 2010 में पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आमिर को इंग्लैंड में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में दोषी पाया गया था।

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सना ने 2010 वाकये के बाद राष्ट्रीय टीम की छवि सुधारने के लिए टेस्ट टीम के कप्तान मिस्बाह उल हक की जमकर तारीफ की है। सना ने कहा, ‘मिस्बाह ने कप्तानी संभालने के बाद पाकिस्तान से स्पॉट फिक्सिंग के दाग को हटा दिया है’। 

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महिला क्रिकेट के इससे दूर रहने पर सना ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है, ‘पाकिस्तान की प्रतिनिधित्व करना हमेशा से गर्व की बात है’।

Posted By: Pradeep Sehgal

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