नई दिल्ली, जेएनएन। महेंद्र सिंह धौनी भले ही भारत के सफल कप्तान रहे हों, लेकिन उन्हें मीडिया से नजदीकी कभी पसंद नहीं आई। यही कारण है कि उन्होंने एक बार यह तक कहा था कि अगर मेरा बस चले तो मैच के पहले और बाद में होने वाली प्रेस कांफ्रेंस बंद करवा दूं। हालांकि वह कभी ऐसा नहीं कर सके।

मीडिया और खासतौर पर भारतीय मीडिया से उनकी कभी नजदीकी नहीं रही। जब वह अपने शिखर पर थे और आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग का जिन्न सामने आया तो उन्होंने कई चैनलों और पत्रकारों के खिलाफ मानहानि के नोटिस भी भेजे।

एक बार डेविड वॉर्नर और रवींद्र जडेजा के बीच नोंकझोंक हो गई। मैच समाप्ति पर इस बारे में धौनी से पूछा गया तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘जब स्कूली बच्चे ग्रेजुएट होने के लिए कॉलेज जाते हैं तो ऐसा होता है।' यही नहीं, जब एक ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ने इस साल टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में हार के बाद उनसे संन्यास के बारे में सवाल किया तो उन्होंने उस पत्रकार को अपने साथ मंच पर बुला लिया। किसी को यह मजाकिया तो किसी को अशिष्टता लगी लेकिन धौनी तो धौनी हैं।

तब प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद भारतीय पत्रकारों ने कहा कि अगर हम लोगों ने यह सवाल पूछा होता तो माही और तंज कसते। धौनी का यूट्यूब पर एक पुराना वीडियो है जिसमें उन्हें फिल्म 'कभी कभी' का मुकेश का गीत 'मैं पल दो पल का शायर हूं' गाते हुए दिखाया गया है। धौनी 'दो पल का शायर' से भी अधिक हैं। वह बेहतरीन मनोरंजनकर्ता हैं।

मीडिया पर तंज करने के अलावा धौनी विकेट के बीच दौड़ने में भी बहुत तेज हैं। ऐसे कितने खिलाड़ी हैं जो एक रन को दो या तीन रन में बदलने का महत्व जानते हों। धौनी इसमें माहिर हैं। अगर तेंदुलकर एक रन लेने के लिए बहुत अच्छी तरह से अनुमान लगा लेते थे तो धौनी की विकेटों के बीच दौड़ और दो रन लेने में कोई सानी नहीं था। अपने करियर के शुरुआत में उनकी विकेटकीपिंग पर सवाल उठे लेकिन बाद में उन्होंने खुद के खेल को निखारा और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में उनकी गिनती होने लगी। रन आउट करने में उनकी फुर्ती और समझ तो देखते ही बनती है।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

खेल की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Bharat Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस