नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। भारतीय टीम को हमेशा से बल्लेबाजों और स्पिनरों के लिए जाना जाता है। एक समय तो ऐसा आया जब हमें पारस महांब्रे जैसे गेंदबाजों से शुरुआती ओवर करवाने पड़े लेकिन बीते कुछ सालों में हमने तेज गेंदबाजों की ऐसी फौज खड़ी कर ली है जो दुनिया के किसी भी मैदान पर किसी भी टीम को नाकों चने चबाने को मजबूर कर सकती है।

यह बेंच स्ट्रेंथ का ही कमाल है कि अब भारतीय चयनकर्ता टेस्ट और वनडे के लिए अलग-अलग तेज गेंदबाजों को खिलाने में समर्थ हैं। जहां टी-20 और वनडे फॉर्मेट में यॉर्कर के महारथी जसप्रीत बुमराह और स्विंग के बादशाह भुवनेश्वर कुमार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं टेस्ट के लिए उमेश यादव, मुहम्मद शमी और इशांत शर्मा मौजूद हैं। 

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले में भुवी और बुमराह ने पांच विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। उन्होंने 30 रन के भीतर ही मेहमान टीम के तीन विकेट गिरा दिए जिससे भारत की आधी जीत यहीं सुनिश्चित हो गई। रविवार को कानपुर में तीसरा वनडे होना है और यह भुवनेश्वर का घरेलू मैदान है। यहां की पिच भले ही बल्लेबाजों के मुफीद हो लेकिन वह यहां बुमराह के साथ मिलकर कमाल दिखा सकते हैं।

दोनों में है गजब का संयोजन

इन दोनों गेंदबाजों में ऐसी विविधता है जो एक-दूसरे के पूरक का काम करती है। जहां भुवी शुरुआत से स्विंग और ऑफ स्टंप पर गेंद रखकर बल्लेबाजों को परेशान करते हैं तो बुमराह ब्लॉक होल और यॉर्कर फेंककर विकेट चटकाते हैं। इन दोनों में खास बात यह है कि जब ये गेंदबाजी करते हैं तो विपक्षी खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिलता। ये दोनों मिलकर पॉवरप्ले के शुरुआती 10 से 12 ओवर आसानी से निकाल देते हैं और विकेट भी लेते हैं। यही नहीं आखिरी के आठ से 10 ओवर में जब विपक्षी टीम तेजी से रन बनाना चाहती है तो भी ये उन्हें ऐसा नहीं करने देते। यानी जब विपक्षी टीम के पास रन बनाने का सबसे उपयुक्त मौका होता है तब विराट कोहली इन दोनों को लगाकर अपना आधा सिरदर्द कम कर लेते हैं। 

रिकॉर्ड दिखाते हैं आईना

भुवनेश्वर ने पिछले 10 मैचों में 17 और बुमराह ने इतने ही मैचों में 14 विकेट लिए हैं। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक-एक बार ही ऐसा हुआ जब ये दोनों एक भी विकेट नहीं ले पाए। यानि हालिया रिकॉर्ड को देखें तो विकेट लेने के साथ रनों को रोक कर रखने के मामले में इन दोनों का कोई जोड़ नहीं। यही कारण है कि पिछली सीरीज में स्टीव स्मिथ की जगह ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी कर रहे डेविड वॉर्नर ने भुवनेश्वर को वर्तमान समय का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताया था। खास बात ये है कि इन दोनों ने भारत और श्रीलंका जैसी पिचों पर भी विकेट लिए हैं। अगर ओवरऑल रिकॉर्ड की बात की जाए तो भुवी ने 77 वनडे में 84 और 20 टी-20 में 19 विकेट लिए हैं। पिछले एक वर्ष में उनका प्रदर्शन वाकई में शानदार रहा है। वहीं बुमराह 27 वनडे में 49 और इतने ही टी-20 में 37 विकेट ले चुके हैं।

भुवी के बारे में शिखर धवन ने कहा था, 'दूसरे वनडे में भारत ने जब गेंदबाजी की तो कोई सीम मूवमेंट नहीं था। इसके बावजूद हमने कसी गेंदबाजी की। भुवनेश्वर काफी उच्च स्तर पर पहुंच गया है। उसका गेंदबाजी में नियंत्रण भी बहुत अच्छा है। यहां तक कि जब वह धीमी गेंद फेंकता है तो वह सुनिश्चित करता है कि यह सही लाइन एवं लेंथ में जाए।' 

वहीं, इनकी जोड़ी के बारे में कीवी गेंदबाज मिशेल सेंटनर ने कहा था, 'भारतीय तेज गेंदबाजों की जोड़ी का प्रदर्शन हमारे लिए काफी खतरनाक रहा। निश्चित तौर पर इससे हमें निराशा हुई। हमने दूसरे वनडे में शुरुआत में ही तीन विकेट गंवा दिए जो हमारी हार का कारण रहा। भुवनेश्वर-बुमराह ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन हम कानपुर में जीतकर सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेंगे।'

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Posted By: Bharat Singh

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