नई दिल्ली, जेएनएन। India vs Bangladesh: कुछ वक्त पीछे जाएं तो टीम इंडिया (Team India) को एक बेहतरीन टेस्ट ओपनर बल्लेबाज की तलाश थी और इस कसौटी पर कोई पूरी तरह से खड़ा उतर नहीं पा रहा था। कई खिलाड़ियों को आजमाया गया हालांकि उन्होंने टुकड़ों में प्रदर्शन जरूर किया, लेकिन अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखाई। इसका परिणाम ये हुआ कि बल्लेबाज आते रहे और जाते रहे, पर अब ऐसा लग रहा है कि टीम इंडिया को फिलहाल तो टेस्ट में एक ऐसा ओपनर बल्लेबाज मिल गया है जिसके प्रदर्शन में निरंतरता है और वो किसी भी स्थिति में बल्लेबाजी के लिए तकनीकी तौर पर पूरी तरह से फिट है।

यहां बात मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) की हो रही है जिन्होंने सिर्फ आठ टेस्ट मैचों में ही ये तो साबित कर दिया है कि वो दूर तलक जाएंगे। वैसे यहां एक बात जरूर होनी चाहिए कि उन्हें किसी की नजर ना लगे और वो इसी तरह से प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को एक और नई उंचाई तक पहुंचाएं। 

धारदार हैं मयंक अग्रवाल

मयंक अग्रवाल का क्रिकेट करियर अभी काफी छोटा है, लेकिन इस दौरान उन्होंने जो निरंतरता दिखाई है वो काबिलेतारीफ है। उन्हें सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ मिला और कमाल की बात ये रही कि मेलबर्न ग्राउंड पर उन्होंने अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में 76 और दूसरी पारी में 42 रन की साहसिक पारी खेल डाली। दूसरे मैच में भी उन्होंने सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 77 रन बनाए और अपने पहले पड़ाव को पार कर अपनी स्थिति टीम में मजबूत कर ली। 

भारत में अपने पहले ही टेस्ट में जड़ा दोहरा शतक

ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरीज खेलने के बाद टीम इंडिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे पहले दो टेस्ट मैच खेले जहां मयंक ने दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में 5,16,55,4 रन की पारी खेली। हालांकि वो ज्यादा प्रभावी नहीं रहे, लेकिन उन्हें आगे भी मौका मिल गया। अब बारी थी भारतीय धरती पर टेस्ट क्रिकेट खेलने की यानी मयंक को अपनी धरती पर खुद को साबित करने का मौका मिला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में मयंक ने पहले ही मैच में ऐसी पारी खेली की सब हैरान रह गए। घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाने वाले मयंक ने इस मौके को पूरी तरह से भुनाया और अपनी सरजमीं पर पहले ही टेस्ट मैच में 215 रन की पारी खेल डाली। 

इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उन्होंने फिर से 108 रन की पारी खेली और दिखाया कि उनमें कितना दम खम है। हालांकि रांची टेस्ट मैच में वो चूक गए और सिर्फ 10 रन ही बना पाए पर इसकी कसर उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पूरी कर ली। 

बांग्लादेश के खिलाफ मयंक का दोहरा शतक

बांग्लादेश के खिलाफ रोहित सस्ते में आउट हो गए। विराट भी शून्य पर चले गए पर मयंक ने एक छोर संभाले रखा और दनादन दोहरा शतक ठोक डाला। उन्होंने 243 रन की पारी खेली और अपना दोहरा शतक छक्का लगाकर पूरा किया जिससे साबित होता है कि उनका आत्मविश्वास किस हद तक बढ़ा हुआ है। हालांकि वो एक छक्का लगाने के प्रयास में आउट हो गए पर ऐसा नहीं होता तो वो तिहरा शतक लगा सकते थे। मयंक ने इस मैच में अपने करियर की सबसे बेस्ट पारी खेली और पहली बार टेस्ट क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी जीता। मयंक ने जिस तरह का दम दिखाया है उससे तो यही लग रहा है कि भारत को एक शानदार ओपनर बल्लेबाज मिल गया है बस उनका यही लय बरकरार रहे। 

मयंक का टेस्ट करियर

मयंक अग्रवाल ने अब तक खेले अपने आठ टेस्ट मैचों की 12 पारियों में कुल 858 रन बनाए हैं। उनका औसत 71.50 का है। उनके नाम पर तीन शतक है जिसमें दो दोहरा शतक भी शामिल है। 

 

Posted By: Sanjay Savern

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