नई दिल्ली, जेएनएन। वर्ष 2019 में इंग्लैंड में अगला विश्व कप खेला जाएगा और इसके लिए अब 18 महीने शेष हैं लेकिन भारतीय टीम अब भी अपनी मध्यक्रम की बल्लेबाजी को लेकर प्रयोग कर रही है। पहले तीन खिलाड़ियों की बात करें तो रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली एक, दो और तीन नंबर पर फिक्स नजर आते हैं अगर इनमें से कोई चोटिल नहीं हुआ तो नंबर चार को लेकर टीम में घमासान मचा हुआ है। इस नंबर पर कई खिलाड़ियों को आजमाया गया। रहाणे, मनीष पांडे, लोकेश राहुल और केदार जाधव जैसे बल्लेबाजों को इस नंबर पर कई मौके दिए गए लेकिन कोई भी इस पोजीशन पर अपनी जगह पक्की नहीं कर पाया। 

कुछ मौकों पर हार्दिक पांड्या को इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और वो सफल भी रहे। इसी वर्ष ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और चौथे वनडे में पांड्या को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया और उन्होंने 72 गेंदों पर 78 साथ ही 41 गेंदों पर 40 रन बनाकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। पांड्या के इस नंबर पर बल्लेबाजी करने की वजह से धौनी को नंबर सात पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया लेकिन उन्हें इस नंबर पर ज्यादा खेलने का मौका ही नहीं मिल पाया। धौनी में अब पहले की तरह गेंद पर बड़ा हिट करने की क्षमता नहीं रही लेकिन वो विकेट के बीच रन लेने के मामले में बेहद तेज हैं साथ ही वो धीरे-धीरे अपनी पारी को आगे बढ़ाकर विरोधी के लिए खतरनाक साबित होते हैं। यानी वो थोड़ा समय लेते हैं लेकिन जैसे ही वो जमते हैं फिर टीम को जीत दिलाकर ही लौटते हैं। 

इन सब परिस्थितियों को देखते हुए नंबर चार के लिए सबसे फिट बल्लेबाज धौनी ही नजर आते हैं। इस नंबर पर वो बल्लेबाजी के लिए कुछ समय भी पा जाते हैं साथ ही वो आगे आने वाले बल्लेबाज को प्रेरित भी कर सकते हैं और अगर वो अंत तक क्रीज पर रह जाते हैं तो टीम को जीत जरूर दिलाते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें पहले वनडे में नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था जहां भारत को पांच विकेट 87 रन पर गिर गए थे इसके बाद उन्होंने 79 रन की पारी खेली और टीम के स्कोर को 281 तक पहुंचाया और टीम को जीत मिली। 

धौनी ने 120 पारियों में अब तक नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए 46.58 की औसत से 3866 रन बनाए हैं। नंबर 7 पर 31 मैचों में 48.72 की औसत से उनके नाम पर 877 रन है। नंबर तीन पर उन्होंने 82.75 की औसत से रन बनाए हैं तो नंबर चार और पांच पर उन्होंने 58.23 और 53.29 की औसत से रन बनाए हैं। नंबर चार और पांच पर उन्होंने लगभग सौ वनडे मैच खेले हैं। अब पहले तीन खिलाड़ी तो तय नजर आते हैं और धौनी के प्रदर्शन को देखते हुए नंबर चार टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद दिखता है। इसके बाद पांचवें नंबर पर मनीष पांडे फिट नजर आते हैं। नंबर छह पर केदार जाधव को मौका दिया जा सकता है क्योंकि वो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी कर लेते हैं तो टीम में उनका होना अच्छा रहेगा। 

नंबर सात पर वनडे टीम के लिए हार्दिंक पांड्या को मौका दिया जा सकता है क्योंकि वो तेज भी खेल सकते हैं और फिनिशर की भूमिका भी निभा सकते हैं। अगले विश्व कप में ऐसा लग रहा है कि धौनी टीम का हिस्सा होंगे ऐसे में टीम मैनेजमेंट को उन्हें चौथे नंबर पर ही ट्राई करना चाहिए। उनकी जिस तरह की बल्लेबाजी इन दिनों हो रही है वो इस नंबर पर बेस्ट नजर आते हैं साथ ही टीम को उनसे ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सकता है। 

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By Sanjay Savern