नई दिल्ली, विकाश गौड़। KL Rahul Performance after World Cup: बॉलीवुड के मशहूर गजल सिंगर अल्ताफ राजा की एक बड़ी ही यादगार गजल है तुम तो ठहरे परदेसी। इस गजल में एक लाइन है कि 'वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है'। अल्ताफ राजा की गजल की यही लाइन भारतीय टीम के दाएं हाथ के बल्लेबाज केएल राहुल पर फिट बैठती है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि पिछले साल उनकी क्रिकेटिंग लाइफ काफी अस्त-व्यस्त थी, लेकिन 2020 आते-आते वे एक अलग केएल राहुल बनकर उभरे हैं।

दाएं हाथ के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केएल राहुल इस समय भले ही भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हों, लेकिन पिछले साल उन पर एक विवाद की वजह से बैन लगा था। यहां तक कि खराब परफॉर्मेंस के कारण उनको टीम से भी बाहर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने वापसी की और सभी आलोचकों के मुंह पर ताला जड़ दिया। केएल राहुल ने बतौर बल्लेबाज टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक खुद को साबित किया, जबकि जरूरत पड़ने पर उन्होंने विकेटकीपर की भी जिम्मेदारी संभाली।

एक ही सीरीज में नंबर 3, नंबर 5 और नंबर 1 पर खेलने वाले केएल राहुल ने बतौर विकेटकीपर इतना अच्छा प्रदर्शन किया कि अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धौनी के उत्तराधिकारी कहे जा रहे रिषभ पंत को प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अपने प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कप्तान विराट कोहली को भी ये कहने पर मजबूर कर दिया है कि वे लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन से बाहर नहीं रख सकते, भले ही खुद उन्हें नंबर 3 की बजाय नंबर 4 पर बल्लेबाजी ही क्यों न करनी पड़े।

वो साल दूसरा था!

साल 2019 की शुरुआत में केएल राहुल पर भारतीय टीम के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा था। दरअसल, केएल राहुल और हार्दिक पांड्या ने एक चर्चित टीवी शो कॉफी विद करण में हिस्सा लिया था, जिसमें महिलाओं के प्रति अमर्यादित शब्दों को प्रयोग किया था। इसी के चलते बीसीसीआइ को चलाने वाली प्रशासकों की समिति (CoA) ने उनको ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद बैन कर दिया था। उस समय उनकी फॉर्म भी खराब थी, लेकिन जनवरी 2019 खत्म होते-होते उनसे बैन हटा लिया गया और वे घरेलू क्रिकेट खेलने लगे। इसके बाद उनकी किस्मत बदलती चली गई।

थोड़ा बहुत घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद आइपीएल 2019 शुरू हो गया, जिसमें उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन बतौर ओपनर और विकेटकीपर किया। इसी बीच भारतीय टीम का वर्ल्ड कप 2019 के लिए सलेक्शन हो गया, जिसकी 15 सदस्यीय टीम में केएल राहुल को चुन लिया गया। प्लेइंग इलेवन में भी जगह मिल गई, लेकिन नंबर 5 और 6 पर वे फ्लॉप रहे। वे प्लेइंग इलेवन से बाहर होने ही वाले थे कि शिखर धवन को चोट लग गई। ऐसे में उन्होंने बतौर बैकअप ओपनर जिम्मेदारी संभाली और रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की।

शिखर धवन की चोट, केएल राहुल की बल्ले-बल्ले

वर्ल्ड कप 2019 के लीग दौर में ही भारतीय टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन को चोट लग गई। ऐसे में केएल राहुल को टॉप ऑर्डर में खेलने का मौका मिला। केएल राहुल ने टॉप ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में फ्लॉप हो गए। इसके बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज दौरे पर गई, जब तक शिखर धवन ठीक हो चुके थे। वहां, केएल राहुल प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। वहीं, घरेलू क्रिकेट के दौरान शिखर धवन को फिर से चोट लग गई तो केएल राहुल को फिर से प्लेइंग इलेवन में जगह मिल गई।

शिखर धवन ने चोट के बाद वापसी की तो फिर से केएल राहुल प्लेइंग इलेवन से अंदर- बाहर होने लगे, लेकिन इसी दौरान केएल राहुल ने घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना अच्छा प्रदर्शन कर दिया कि उनको टीम से बाहर करना टीम संयोजन के हिसाब से भी खराब लगने लगा। यही कारण रहा कि उन्होंने ओपनिंग से लेकर नंबर 3, नंबर 4, नंबर 5 और नंबर 6 तक बल्लेबाजी करते हुए खुद को साबित कर दिया कि वे किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाए।

ये साल दूसरा है!

साल 2019 के आखिर में कमाल लाजवाब बल्लेबाजी की और साल 2020 में तो उन्होंने सभी को साइडलाइन कर दिया। केएल राहुल ने बतौर ओपनर तो रन बनाए ही, साथ ही साथ मिडिल ऑर्डर में भी जरूरत के मुताबिक कभी तेजी से कभी धीमी गति से रन बनाने शुरू कर दिया। हैरान करने वाली बात तब रही जब 3 मैचों की वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनको विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी और तीनों मैचों में उन्होंने अलग-अलग पायदानों पर बल्लेबाजी की।

केएल राहुल पहले वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर 3 पर, दूसरे मैच में नंबर 5 पर और तीसरे मैच में ओपनिंग करने उतरे। राहुल ने तीनों ही पायदानों पर रन बनाए। इसके इतर केएल राहुल ने शानदार विकेटकीपिंग की, जिसकी वजह से रिषभ पंत अभी तक प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं। यहां तक कि न्यूजीलैंड दौरे पर खेली गई 5 मैचों की टी20 सीरीज में वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनकर उभरे हैं।

5 मैचों में 2 अर्धशतकों के साथ 224 रन बनाने वाले केएल राहुल मैन ऑफ द सीरीज चुने गए। इनसे पहले कोई भी विकेटकीपर T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब नहीं जीत पाया है। इतना ही नहीं, आखिरी मैच में तो उनको कप्तानी करने का भी मौका मिला और टीम को जीत दिला दी, क्योंकि विराट कोहली आराम पर थे, जबकि रोहित शर्मा चोटिल हो गए थे। 

Posted By: Vikash Gaur

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