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सबसे तेज़ शतक जड़ने वाले इस खिलाड़ी के पास नहीं थे पैसे, गुरुद्वारे में खाया था लंगर

Publish Date:Wed, 04 Oct 2017 11:53 AM (IST) | Updated Date:Thu, 05 Oct 2017 09:52 AM (IST)
सबसे तेज़ शतक जड़ने वाले इस खिलाड़ी के पास नहीं थे पैसे, गुरुद्वारे में खाया था लंगरसबसे तेज़ शतक जड़ने वाले इस खिलाड़ी के पास नहीं थे पैसे, गुरुद्वारे में खाया था लंगर
आइपीएल में दिल्ली की टीम ने इस उभरते हुए खिलाड़ी को इसके बेस प्राइज से 19 गुना ज़्यादा कीमत में खरीदा।

नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। किसी ने ठीक ही कहा है, समय बड़ा बलवान होता है। किसी भी व्यक्ति का समय कब बदल जाए कोई नहीं जानता। समय का चक्र किसी के जीवन में कोई भी बदलाव ला सकता है। समय की मार राजा को रंक बन सकती है, तो वहीं अच्छा समय कब फर्श से अर्श तक का सफर तय करा दे, कोई नहीं जानता। 2 साल पहले इस होनहार भारतीय क्रिकेटर के साथ भी ऐसा ही हुआ। जी हां, यहां बात ऋषभ पंत की हो रही है, जिन्हें धौनी के बाद टीम इंडिया के अगले विकेटकीपर के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऋषभ पंत का आज जन्मदिन है। ऋषभ पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के हरिद्वार में हुआ था।

ऐसे बदली पंत की किस्मत

2016 तक ऋषभ पंत को कोई नहीं जानता था। इसी साल खेले गए अंडर-19 विश्व कप में इस भारतीय खिलाड़ी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 44.50 के औसत से 267 रन बनाए। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने नेपाल की टीम के खिलाफ इस टूर्नामेंट का सबसे तेज़ अर्धशतक भी जड़ा। इसी वजह से आइपीएल में दिल्ली की टीम ने इस उभरते हुए खिलाड़ी को इसके बेस प्राइज से 19 गुना ज़्यादा कीमत में खरीदा। दिल्ली की टीम ने 10 लाख की बेस प्राइज वाले ऋषभ पंत को 1.9 करोड़ रुपये खर्च कर अपनी टीम का हिस्सा बनाया। लेकिन इससे पहले की कहानी एकदम अलग थी। भारत की तरफ से दो टी-20 मैच खेल चुके पंत के लिए ये राह आसान नहीं थी। यहां तक पहुंचने के लिए ऋषभ ने गुरुद्वारे में रातें बिताईं और लंगर में खाना खाया।

उत्तराखंड के ऋषभ इस तरह बने दिल्ली के क्रिकेटर

ऋषभ को क्रिकेट का ककहरा सिखाने वाले सोनेट क्लब के कोच तारक सिन्हा देश को कई बेहतरीन क्रिकेटर दे चुके हैं। रमन लांबा, आकाश चोपड़ा, आशीष नेहरा, शिखर धवन सहित दर्जनों क्रिकेटरों को इन्होंने ही क्रिकेट का पाठ पढ़ाया है। ऋषभ को भी तारक सिन्हा ने ही क्रिकेट के गुर सिखाए, लेकिन इसके पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प है। तारक ने Jagran.Com को बताया कि हम एक टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाते हैं। कहीं से इसके परिवार को भी इसकी खबर लगी तो ये रुड़की से यहां उसके लिए चला आया। उसमें चयनित होने के बाद इसे शनिवार और रविवार को यहां ट्रेनिंग करनी होती थी।

उन्होंने बताया, 'ऋषभ शनिवार को रुड़की से यहां आता था और फिर रात बिताने के लिए मोती बाग गुरुद्वारे में रुकता था। रविवार को सुबह वहीं लंगर छकने के बाद वह फिर ट्रेनिंग करने हमारे मैदान में आता था। कई महीनों तक ऐसा चला। इसके बाद हमने इसे किराये पर कमरा दिलाया और फिर वह दिल्ली का ही हो गया।' तारक ने कहा कि जहां तक बल्लेबाजी की बात है तो उसकी गेंद को देखने और उसको हिट करने का तरीका शानदार है। कीपिंग उसका दूसरा सकारात्मक पहलू है। वह ऐसा बल्लेबाज है जो शानदार कीपिंग करता है।

तिहरा शतक भी है पंत के नाम

अंडर 19 विश्व कप के बाद पंत ने आइपीएल में भी अपने बल्ले का दम दिखाया, उन्होंने गुजरात लायंस के खिलाफ सिर्फ 25 गेंदों में अर्धशतक जमा दिया। इसके बाद उन्होंने 2016-17 रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ वानखेड़े के मैदान पर 308 रन की बेहतरीन पारी खेली। लेकिन पंत यहीं तक कहां रुकने वाले थे। उन्होंने झारखंड के खिलाफ सिर्फ 48 गेंदों में तेज़-तर्रार शतक जड़ दिया। इस सेंचुरी के साथ ऋषभ पंत फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए।

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Web Title:Jagran Special Rishabh Pant hold the record of fastest century in the ranji trophy today is his birthday here are some unknown facts about him(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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