नई दिल्ली, प्रदीप सहगल [स्पेशल डेस्क]। महेंद्र सिंह धौनी के भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 2019 में विश्व कप खेला जाना है और भारतीय टीम इसके लिए अपनी टीम तैयार करने में जुट गई है। धौनी को इस टीम में रखने को लेकर क्रिकेट खिलाड़ियों और क्रिकेट पंडितों की राय जुदा-जुदा है। कुछ धौनी को 2019 की विश्व कप टीम में फिट होते देखते हैं, तो कुछ को लगता है कि उन्हें इस टीम का हिस्सा नहीं होना चाहिए। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज़ से पहले भी ये सवाल उठे थे, लेकिन धौनी ने इस सीरीज़ में इसका जबाव भी दे दिया है।

धौनी ने ऐसे दिया जवाब

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के लिए श्रीलंका की ये सीरीज़ बेहद खास बन गई। इस सीरीज़ में माही ने न सिर्फ अपना 300वां वनडे मैच खेला, बल्कि इस सीरीज़ में धौनी एक नए रंग और ढंग में भी नज़र आए। टीम इंडिया में माही की भूमिका फिनिशर की रही है, वो हमेशा ही मैच को खत्म करके लौटते रहे हैं और मौजूदा सीरीज़ में भी वो ऐसा कर रहे हैं लेकिन उनका अंदाज़ जुदा है। इस बार माही फ्रंटफुट से नहीं बल्कि बैकफुट से भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान निभा रहे हैं। वो खुद सामने आकर बड़े शॉट नहीं खेल रहे हैं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों को अपने स्किल्स दिखाने का मौका दे रहे हैं।

इस तरह बदला माही का स्टाइल

मौजूदा वनडे सीरीज़ के दूसरे वनडे मैच को याद कीजिए, जब भारत को जीत के लिए 237 रन बनाने थे, लेकिन बारिश ने मैच में खलल डाला और टीम इंडिया का रिवाइज्ड टारगेट 231 रन हो गया। 231 रन का पीछा करते हुए भारत के सात बल्लेबाज़ 131 रन पर ही आउट हो गए। धौनी ने तब अपना ये बदला-बदला अंदाज़ दिखाया उन्होंने भुवी के साथ मिलकर 100 रन की अटूट साझेदारी की और इसमे मजेदार बात ये रही की इस पार्टनरशिप में माही से ज़्यादा रन भुवनेश्वर के बल्ले से निकले। भुवी ने नाबाद 53 रन बनाते हुए अपने वनडे करियर का पहला अर्धशतक जमाया तो वहीं धौनी ने नाबाद 45 रन की पारी खेलते हुए टीम इंडिया को जीत दिलाई। मजे की बात तो ये थी कि बड़े शाट्स खेलने के लिए मशहूर माही से ज्यादा बाउंड्री तो भुवी ने लगाई। धौनी ने एक बार गेंद को जमीनी रास्ते से रस्सी के पार भेजा तो भुवी ने 4 चौके और एक सिक्स भी लगाया।

फिर दोहराई वही जिम्मेदारी 

कुछ ऐसा ही रोल धौनी ने अपने 300वें वनडे मैच में अदा किया। मनीष पांडे के साथ मिलकर धौनी ने नाबाद 101 रन जोड़े और श्रीलंका को 375 रन का विशाल लक्ष्य देने में अहम भूमिका निभाई। इस मैच में मनीष पांडे ने 42 गेंद में नाबाद 50 रन बनाए तो धौनी ने इतनी ही गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए। इन दोनों मैचों को देखकर लगता है कि धौनी अब बैकफुट पर रहकर भारतीय टीम के मिशन 2019 की तैयारी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वो मिशन 2019 के लिए टीम इंडिया में और भी फिनिशर्स तैयार कर रहें हैं, ताकी जरूरत पड़ने पर सिर्फ माही ही नहीं अन्य खिलाड़ी भी इस भूमिका में खरे उतर सकें।

क्या इसलिए बदला धौनी ने अंदाज़?

श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज़ से पहले मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने था कि, ‘महेंद्र सिंह धौनी के भविष्य को लेकर चयन समिति की बैठक में चर्चा हुई थी और उनके अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की स्थिति में वो विकल्पों की तलाश करेंगे’। अगर प्रसाद की बात को देखें तो माही के लिए ये सीरीज़ बेहद अहम थी, कहीं ऐसा तो नहीं कि उन्होंने खुद को टीम में फिट करने के लिए एक नया किरदार ढूंढ लिया है। इसका मतलब साफ है धौनी भारतीय टीम के मिशन 2019 में बेहद अहम भूमिका तो निभाएंगे लेकिन इस तस्वीर में वो खुद को छोटा कर लेंगे और दूसरे खिलाड़ियों को बड़ा बनाएंगे।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Pradeep Sehgal

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप