केपटाउन, अभिषेक त्रिपाठी। बड़ी उम्मीदों के साथ दक्षिण अफ्रीका में पहली टेस्ट सीरीज जीतने आई भारतीय टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है। अगर उसे अपने पिछले छह दौरों का कलंक धोना है तो सेंचुरियन और जोहानिसबर्ग में होने वाले अगले दोनों मुकाबले जीतने होंगे। हालांकि, ऐसा करने के लिए भारतीय कप्तान विराट कोहली को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा और 13 जनवरी से सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट्स पार्क में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए सही अंतिम एकादश का चयन करना होगा।

मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने सोमवार को भारत को 72 रनों से पराजित किया था। विराट ने पहले मैच में विदेशी पिचों के महारथी व उप कप्तान अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा और ओपनर केएल राहुल की जगह शिखर धवन को मौका दिया था। रोहित और शिखर विदेशी पिचों पर हिलती हुई गेंदों को खेलने में बहुत परेशान होते हैं। ये दोनों ही पहले टेस्ट की दोनों पारियों में फेल हुए। फिलेंडर, रबादा और मोर्नी मोर्केल ने इन दोनों को परेशान किया। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस के अलावा उनके कोच ओटिस गिब्सन ने चेतावनी दी कि उनकी टीम तेज गेंदबाजी के दम पर भारत को परेशान करती रहेगी। यही नहीं दोनों ने संकेत दिए हैं कि अगले दोनों मैच में भारत को ऐसी ही पिच पर खेलना होगा।

पहले टेस्ट के पहले दिन से ही भारतीय टीम के चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे। मैच के बाद विराट ने जरूर इसको नकारते हुए कहा था कि हमने पिछली फॉर्म को देखते हुए रोहित और धवन का चयन किया था। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ पिछले दोनों टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था। वहीं, धवन का भी इसी आधार पर चयन हुआ। उन्होंने कहा था कि ओपनिंग में बायें-दायें के संयोजन से काफी फायदा मिलता है, लेकिन पहले टेस्ट में ऐसा कोई फायदा नहीं मिला। यही नहीं, वह रोहित की जिस फॉर्म की बात कर रहे हैं वह उन्होंने भारत की सपाट पिचों पर पाई है। विदेशी पिचों पर खासकर दक्षिण अफ्रीका में उनका टेस्ट का औसत बेहद खराब है।

हो सकता है बदलाव

मीडिया ही नहीं दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने भी रहाणे और इशांत शर्मा के पहले टेस्ट में भारतीय अंतिम एकादश में नहीं होने पर आश्चर्य जताया था। उन्होंने कहा था कि मैं सोच रहा था कि रहाणे खेलेंगे, क्योंकि विदेशी पिचों पर उनका प्रदर्शन शानदार रहता है। रोहित और धवन ने पिछले मैच की दो पारियों में क्रमश: 21 व 32 रन बनाए थे। वहीं, इशांत की जगह खेले बुमराह ने 112 रन देकर चार विकेट लिए थे। शायद इस हार के बाद विराट अपनी रणनीति में बदलाव करें और अगले मैच में रहाणे के साथ राहुल को मौका दें, क्योंकि सेंचुरियन की पिच और तेज व बाउंसी होगी। राहुल ऐसी पिचों पर धवन से बेहतर खेलते हैं। धवन पहले टेस्ट की दोनों पारियों में बाउंस पर चकमा खा गए थे। वहीं, रोहित को सीम ने परेशान किया।

भारतीयों का वैकल्पिक अभ्यास 

टीम चयन को लेकर उठ रहे सवाल के बीच राहुल, रहाणे, विकेटकीपर पार्थिव पटेल और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने मंगलवार को यहां न्यूलैंड्स स्टेडियम में वैकल्पिक अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। पहला टेस्ट चार दिन के भीतर समाप्त होने की वजह से दिन का समय बचा हुआ था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों ने इसका उपयोग अभ्यास के लिए किया। ये वे खिलाड़ी थे जिन्हें पहले टेस्ट में भारतीय टीम में अंतिम-11 में जगह नहीं मिली थी। चारों ने लगभग डेढ़ घंटे तक अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ और गेंदबाजी कोच भरत अरुण भी मौजूद रहे। राहुल और रहाणे पास-पास के नेट पर अभ्यास कर रहे थे। उन्होंने थ्रो डाउन के अलावा नेट गेंदबाजों के सामने अभ्यास किया।

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Posted By: Pradeep Sehgal

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