नई दिल्ली, जेएनएन। दुनिया की सबसे महंगी टी20 क्रिकेट लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को 29 मार्च से शुरू होना था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसे 15 अप्रैल तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। जब आइपीएल के 13वें सीजन को पोस्टपोन किया था तो लग रहा था कि कोरोना वायरस से हालात ठीक होने पर इसे आयोजित कराया जा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को देश के नाम दिए संबोधन में इस बात की पुष्टि कर दी कि आइपीएल 2020 आने वाले 15 अप्रैल से भी शुरू नहीं हो सकता।

दरअसल, बीसीसीआइ ने आइपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित किया हुआ है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन करने का फैसला किया है, जो 14 अप्रैल तक के लिए प्रभावी है। उधर, इससे पहले खेल मंत्री किरण रिजिजू भी इस बात को कबूल कर चुके हैं कि 15 अप्रैल के बाद ही आइपीएल का भविष्य तय होगा, क्योंकि 15 अप्रैल को ही सरकार अब  कोरोना वायरस से जुड़ी नई एडवाइजरीजारी करेगी। 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन और फिर 15 अप्रैल को आने वाली नई एडवाइजरी को देखते हुए आइपीएल 2020 को 15 अप्रैल से कराना एक फीसदी भी संभव नहीं लगता।

ये भी है एक विकल्प

इन दो कारणों की वजह से बीसीसीआइ को जल्द इस बात का ऐलान करना होगा कि आइपीएल का 13वां सीजन या तो स्थगित किया जा रहा है या फिर इस साल आइपीएल का आयोजन नहीं हो सकेगा। हर बार की तरह अगर इस बार भी आइपीएल कराने की योजना बीसीसीआइ की है तो भी सिर्फ मई का महीना दुनिया के सबसे अमीर बोर्ड के पास है, लेकिन इसके लिए भी कम से कम भारत के हालात (कोरोना वायरस से) अच्छे रहने चाहिए। यहां तक कि आइपीएल की 8 टीमों के मालिकों को इस बात पर भी राजी होना पड़ेगा कि मुकाबले सिर्फ एक राज्य में ही आयोजित होंगे, जो कि संभव तो है, लेकिन कठिन भी है।

BCCI को लगेगा हजारों करोड़ का झटका

बीसीसीआइ के अधिकारी खुद इस बात का ऐलान कर चुके हैं कि अगर आइपीएल इस साल आयोजित कराना है तो पहला मैच मई के पहले सप्ताह में खेला जाना चाहिए, अगर संभव नहीं है तो फिर आइपीएल इस साल रद करना होगा, जो कि बीसीसीआइ के लिए घाटे का सौदा होगा। इसके पीछे कारण ये है कि स्टार स्पोर्ट्स के साथ बीसीसीआइ की बड़ी डील ब्रॉडकास्टिंग राइट्स की है जो एक साल के लिए करीब 5 हजार करोड़ की है। अगर आइपीएल रद होता है तो फिर बीसीसीआइ का इतने करोड़ रुपये का नुकसान होना लाजमी है।

मई में संभव है आइपीएल, लेकिन...

आइपीएल 2020 मई के महीने और जून के पहले 10 दिन तक में संभव तो है, लेकिन इसमें कई कठिनाइयां हैं। एक तो आइपीएल 30-35 दिन में समाप्त करना होगा। दूसरी बात ये कि आइपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की वजह से रोमांच पैदा है, लेकिन मई के महीने में तमाम विदेशी खिलाड़ी भारत नहीं आ सकते, क्योंकि उनके क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट पर मई तक के लिए पाबंदी लगा चुके हैं। यहां तक कि भारत ने भी वीजा नहीं देने का फैसला किया है। हालांकि, कोरोना वायरस के हालातों को देखते हुए ये फैसले बदले जा सकते हैं, लेकिन चीन, इटली, अमेरिका और स्पेन के हालातों को देखें तो ये मई तक भी संभव नहीं लगता।

तो आइपीएल समझो कैंसिल!

अगर मई-जून में आइपीएल संभव नहीं होता है तो फिर इस साल आइपीएल कैंसिल ही करना होगा, क्योंकि जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में तमाम देशों की द्विपक्षीय सीरीज होंगी। खुद भारतीय टीम भी द्विपक्षीय सीरीजों के साथ-साथ एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा होगी। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप होना है, जबकि टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ही लंबी टेस्ट सीरीज खेलेगी। ऐसे में बीसीसीआइ के पास आइपीएल को कैंसिल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। अब देखने वाली बात ये होगी कि बीसीसीआइ क्या फैसला लेती है?

Posted By: Vikash Gaur

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