नई दिल्ली, जेएनएन। केपटाउन टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने  अपना काम बखूबी किया और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। टीम के चारों गेंदबाजों ने अपना काम काफी अच्छे से अंजाम दिया और द. अफ्रीकी कंडीशन का पूरा फायदा उठाया। इस टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने वो कमाल किया जो पिछले 10 वर्षों में सिर्फ दो बार ही हो पाया है। 

चारों तेज गेंदबाजों ने दोनों पारियों में चटकाए विकेट

भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में पिछले 10 वर्षों में दूसरा ऐसा मौका केपटाउन टेस्ट में आया जब टीम के चारों तेज गेंदबाजों ने एक से ज्यादा विकेट लिए। इस मैच की दोनों पारियों में भारतीय तेज गेंदबाजों ने कम से कम एक विकेट जरूर लिए। इस मैच से पहले ऐसा वर्ष 2011-12 में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजों ने वाका में ये कमाल किया था। मैच की पहली पारी में तेज गेंदबाजों ने कुल 7 जबकि दूसरी पारी में 10 विकेट लिए। पहली पारी में अश्विन ने 2 विकेट लिए थे जबकि एक द. अफ्रीकी बल्लेबाज रन आउट हुआ था। 

ऐसा रहा दोनों पारियों में भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन

केपटाउन टेस्ट मैच में प्रोटीज के खिलाफ चारों भारतीय तेज गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की और विकेट चटकाए। पहली पारी में भुवी ने 19 ओवर में 87 रन देकर 4 विकेट, मो. शमी ने 16 ओवर में 47 रन देकर 1 विकेट, बुमराह ने 19 ओवर में 73 रन देकर 1 विकेट जबकि हार्दिक पांड्या ने 12 ओवर में 53 रन देकर 1 विकेट लिए। 

मैच की दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 10 विकेट चटकाए। भुवनेश्वर ने 11 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए तो बुमराह ने 11.2 ओवर में 39 रन देकर 3 शिकार किया। मो. शमी ने काफी घातक गेंदबाजी की और 12 ओवर में 28 रन देकर 3 द. अफ्रीकी बल्लेबाजों का आउट किया। पांड्या ने 6 ओवर में 27 रन देकर 2 विकेट लिए। 

भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के दम पर द. अफ्रीका ने पहली पारी में 286 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में पूरी टीम 130 रन पर सिमट गई। 

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Posted By: Sanjay Savern

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