नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली, मुख्य कोच रवि शास्त्री और टीम मैनेजमेंट के अलावा क्रिकेट पंडित जिस चीज का दंभ भरते थे, वही चीज पाकिस्तान के खिलाफ आइसीसी टी20 विश्व कप 2021 के मुकाबले में भारतीय टीम के काम नहीं आई। जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम के गेंदबाजी लाइनअप की, जिसकी तारीफ सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की हर टीम करती आई है, लेकिन पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम और उपकप्तान मुहम्मद रिजवान ने इस बौना साबित कर दिया।

दरअसल, भारतीय टीम महादबाव वाले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 5 गेंदबाजों के साथ उतरी। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के पास खुद के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था, जो गेंदबाजी कर पाए। हालांकि, रोहित शर्मा थोड़ी बहुत गेंदबाजी कर लेते हैं, लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा लंबे समय से सीमित ओवरों की क्रिकेट में गेंदबाजी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में भारत के पास गिने-चुने विकल्प थे, जो काम नहीं आए। यहां तक कि मिस्ट्री स्पिनर ने कुछ देर पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बांधकर रखा, लेकिन आखिर में उनके खिलाफ भी रन बने।

भारतीय टीम तीन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मुहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार के अलावा दो स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और रवींद्र जडेजा के साथ मैदान पर उतरी थी। भुवनेश्वर कुमार ने 151 रनों का बचाव करते हुए गेंदबाजी की शुरुआत की, लेकिन 10 रन दे दिए। दूसरा ओवर मुहम्मद शमी ने कराया, उन्होंने भी 8 रन खर्च किए। तीसरे ओवर में जसप्रीत बुमराह ने मामला जरूर संभाला और फिर वरुण चक्रवर्ती ने भी अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन विकेट का एक भी मौका नहीं मिल सका।

भुवनेश्वर कुमार ने 3 ओवर में 25, मुहम्मद शमी ने 3.5 ओवर में 43, जसप्रीत बुमराह ने 3 ओवर में 22, वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 33 और रवींद्र जडेजा ने 4 ओवर में 28 रन दिए, लेकिन हर एक गेंदबाज का विकेट का कालम खाली रहा। भारत को मिली शर्मनाक हार के पीछे भारत के गेंदबाजों का सबसे बड़ा हाथ है, क्योंकि पांच गेंदबाज मिलकर एक भी विकेट नहीं निकाल पाए। यहां तक कि एक भी ऐसा पल नजर नहीं आया, जब किसी गेंदबाज को विकेट मिल पाती। पाकिस्तान के लिए उपकप्तान मुहम्मद रिजवान ने 79 और कप्तान बाबर आजम ने 68 रन बनाए।

Edited By: Vikash Gaur