अभिषेक त्रिपाठी, मैनचेस्टर। इस समय इंग्लैंड में क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ यानी विश्व कप चल रहा है और उसका सबसे बड़ा मुकाबला (भारत बनाम पाकिस्तान) 16 जून को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट स्टेडियम में हो चुका है। इस गुरुवार को यहीं पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला खेला जाना है। कुल मिलाकर सेमीफाइनल सहित यहां पांच मैच खेले जाएंगे। इन सबके बावजूद इस शहर की हवाओं में फुटबॉल बसा हुआ है। आपको यह शहर दो भागों में बंटा नजर आएगा, एक नीले रंग का और दूसरा लाल रंग का। इस शहर में दो फुटबॉल क्लब हैं मैनचेस्टर सिटी और मैनचेस्टर युनाइटेड। एक ही शहर में होने के बावजूद इन दोनों टीमों में ही नहीं इनके प्रशंसकों में भी जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता है। जहां सिटी का स्टेडियम नीले रंग से पटा है तो युनाइटेड में सबकुछ लाल रंग का है।

भारतीय क्रिकेट टीम को सोमवार को अभ्यास नहीं करना था और इस वजह से मैं मैनचेस्टर सिटी (एतिहाद) स्टेडियम की ओर निकल गया। एक राहगीर से जब मैंने एतिहाद स्टेडियम का रास्ता पूछा तो उसने नाक सिकोड़ते हुए कहा कि आगे से दाहिने मुड़कर सीधे चले जाएं। मैंने उससे पूछा कि क्या आप युनाइटेड के फैन हैं तो उसके चेहरे में खुशी के भाव आ गए, उसने सिर हिलाते हुए सहमति भरी। मेरे लिए यह थोड़ा अजीब था। रास्ते में ही एक ब्रेकफास्ट कैफे था, जहां नाश्ता करने के दौरान मैंने वहां काम कर रही तीन हंसमुख उम्रदराज महिलाओं और एक पुरुष से क्रिकेट और फुटबॉल पर बात की। उनके चेहरे के भाव ही बता रहे थे कि यह शहर लाल और नीले रंग में बंटा हुआ है। घरेलू मैचों में लाल रंग की जर्सी पहनने वाली मैनचेस्टर युनाइटेड के प्रशंसक एडम ने कहा कि कोई सिटी के स्टेडियम भी जाता है क्या? आप ओल्ड ट्रैफर्ड फुटबॉल स्टेडियम क्यों नहीं जाते? साथ में खड़ी एलेना ने कहा कि ओल्ड ट्रैफर्ड (युनाइटेड का मैदान) ही असली है, पूरा लाल रंग का कितना अच्छा लगता है। उन चार में से एक लेक्सा ही सिटी की प्रशंसक थीं जिन्होंने कहा कि ये क्या जाने सिटी को। हम दो साल से इंग्लिश प्रीमियर लीग के चैंपियन हैं। हमारा नीला रंग शहर पर चढ़ा हुआ है। खेल के मैदान में तो युनाइटेड की हालत पतली है। मालूम हो कि 2002 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए यह स्टेडियम बनाया गया था। 2003 में सिटी ने लोकल काउंसिल से इसे किराए पर ले लिया, तब से यही उसका घरेलू मैदान है। सिटी 1923 से 2002 तक 'मेन रोड स्टेडियम' में अपने घरेलू मैच खेलती थी।

चर्च की टीम से हुई शुरुआत : मैनचेस्टर सिटी के गाइड डेव ने स्टेडियम दिखाने की शुरुआत ही युनाइटेड की बुराई से की। उन्होंने कहा कि फुटबॉल तो यहां खेला जाता है, उस छोर (युनाइटेड के स्टेडियम की तरफ इशारा करते हुए) पर तो काले बादल छाए हुए हैं। डेव ने बताया कि 1880 में सेंट मार्क (वेस्ट गोर्टन) नाम से इस टीम का गठन किया गया। यह एक चर्च की टीम थी। 1887 में यह एर्डविक एसोसिएशन ऑफ फुटबॉल में बदल दी गई और 1894 में इसको नाम मिला मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब, जो आज तक जारी है और दुनिया के सबसे अमीर क्लबों में से एक है। 60 साल से ऊपर के लग रहे डेव ने मजाक करते हुए कहा कि मेरी बीवी युनाइटेड की फैन है और इसीलिए मेरे सिर पर बाल कम हैं। स्टेडियम के मुख्य गेट पर पहुंचते ही उन्होंने कहा कि जब भी यहां बड़ा मैच होता है तो हम सबका 'ब्लू कार्पेट वेलकम' करते हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि 'हम रेड कार्पेट वेलकम' नहीं करते क्योंकि हमें लाल रंग से चिढ़ है, आप तो समझ ही गए होंगे।

7500 पाउंड का टिकट : डेव हमें सबसे पहले कॉर्पोरेट हॉस्पिटेलिटी की तरफ लेकर गए। इस स्टेडियम टूर में मेरे साथ एक दक्षिण अफ्रीकी परिवार, दो ऑस्टि्रया की लड़कियां, कुछ जर्मनी के प्रशंसक और कुछ मैनचेस्टर के लोकल प्रशंसक थे। डेव ने गर्व से कहा कि पूरी दुनिया से आए लोगों का सिटी के कॉर्पोरेट हॉस्पिटेलिटी में स्वागत है। उन्होंने बताया कि यहां पर एक मैच का टिकट 7500 पाउंड (लगभग 660000 रुपये) का होता है। उन्होंने फिर तंज कसते हुए कहा कि पूरी दुनिया से अच्छी सुविधाएं हम यहां के प्रशंसकों को देते हैं। 1899 में फुटबॉल लीग में प्रवेश करने वाले सिटी की हालत 20वीं सदी खत्म होते-होते खराब हो गई। अबू धाबी युनाइटेड ग्रुप ने 2008 में इसे 210 मिलियन पाउंड (लगभग 18.5 अरब रुपये) में खरीदा। मैनेजर पेप गॉर्डियोला के नेतृत्व में सिटी 2018 में 100 अंकों के साथ प्रीमियर लीग खिताब जीतने वाला पहला क्लब बना था। 2019 में इस क्लब ने चार ट्रॉफी जीतीं। 2017-18 में यह फुटबॉल क्लब 527.7 मिलियन यूरो (लगभग 43 अरब रुपये) राजस्व के साथ दुनिया में पांचवें नंबर पर था। 2018 में फो‌र्ब्स पत्रिका ने 2.47 बिलियन डॉलर (1.71 खरब रुपये) की कीमत के साथ इसे दुनिया का पांचवां मूल्यवान क्लब बताया।

रोनाल्डो आएंगे, तो शीशा लगाएंगे : डेव हमें पहले बाहरी टीमों के ड्रेसिंग रूम में लेकर गए। उन्होंने कहा कि यूएफा का यह सर्टीफाइड ड्रेसिंग रूम है। हम अवे टीम को अधिकतर सुविधाएं देते हैं लेकिन घरेलू टीम (मैनचेस्टर सिटी) को ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं। वह हंसते हुए बोले, यहां विपक्षी टीम के खिलाड़ी बैठते हैं और हमने इसमें गद्दी नहीं लगा रखी है। अपने खिलाफ मैच से पहले हम उन्हें हर तरह से परेशान करना चाहते हैं। मैं इसे मजाक समझ रहा था लेकिन जब हम सिटी के ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो वाकई में वह अवे ड्रेसिंग रूम से बेहतर था। उसमें हर खिलाड़ी के बैठने की जगह पर गद्दी लगी थी। जब डेव से पूछा गया कि अवे ड्रेसिंग रूम में कोई शीशा नहीं है तो उन्होंने कुटिल मुस्कान के साथ कहा कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो जब यहां खेलने आएगा तो हम लगाएंगे। मालूम हो कि रोनाल्डो स्पेनिश क्लब रीयल मैड्रिड से इटेलियन क्लब जुवेंटस में गए हैं। वह युनाइटेड के भी स्टार रहे हैं। अवे ड्रेसिंग रूम में युनाइटेड सहित इंग्लिश प्रीमियर लीग के अन्य क्लबों की जर्सी रखी थी। जब कुछ लोग युनाइटेड की जर्सी के साथ फोटो खिंचवाने गए तो डेव ने कहा कि यह तो सीट पोछने के काम आती है। पिच (मैदान) पर जाने से पहले डेव ने हमसे कहा कि जो सिटी के प्रशंसक हैं वे बायीं तरफ खड़े हों और जो दूसरी टीम के प्रशंसक हैं वे दायीं ओर। इसके बाद हम पिच की ओर दौड़ पड़े। यह वही रास्ता था जहां से दोनों टीमों के खिलाड़ी मैच खेलने के लिए दौड़ते हुए मैदान के अंदर जाते हैं। मैदान के अंदर पहुंचने के बाद हमें लग रहा था कि वाकई हम एक विश्व स्तरीय स्टेडियम में आ गए हैं। डेव ने बताया कि इसकी दर्शक क्षमता 55000 है, जिसे अगले कुछ सालों में 62000 से ज्यादा किया जाएगा, तब आप फिर यहां आइयेगा।

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Posted By: Sanjay Savern

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