नई दिल्ली, जेएनएन। India vs SA test series 2019: इन दिनों भारतीय क्रिकेट (Indian cricket team) में रिषभ पंत (Rishabh Pant) का फॉर्म सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है और उन्हें लेकर खूब बातें की जा रही है। अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत दो अक्टबूर से होनी है और बातें इस पर भी होने लगी है कि रिषभ को मौका मिले या फिर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को। हमें यहां ये नहीं भूलना चाहिए कि रिषभ चयनकर्ताओं की पहले पसंद जरूर हैं, लेकिन टेस्ट टीम में साहा को भी चुना गया है।अब ये तो पूरी तरह से टीम मैनेजमेंट पर निर्भर करता है कि वो किसे मौका देते हैं, लेकिन भारत में टेस्ट सीरीज में अगर पंत की जगह साहा को मौका मिले तो ये टीम इंडिया के हित में होगा।आइए जानने की कोशिश करते हैं कि क्यों साहा भारत की घुमावदार पिच पर पंत से ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं।

साहा का अनुभव रिषभ पंत पर हावी

भारत की धुमावदार विकेट पर विकेटकीपिंग करना खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में काफी मुश्किल होता है।भारतीय पिच पर कभी-कभी तो पहले ही दिन से टर्न मिलने लगता है और ऐसी पिच पर अगर पांच दिन का खेल हो जाए तो विकेटकीपर की जमकर परीक्षा होती है। रिषभ पंत की बात करें तो भारतीय सरजमीं पर उन्होंने अब तक सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं। जबकि साहा ने भारत में कुल 18 टेस्ट मैच खेले हैं। यानी अनुभव के लिहाज से साहा पंत पर हावी दिखते हैं।

रिषभ की हुई थी जमकर खिंचाई

रिषभ पंत ने भारत में सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं और वो भी वेस्टइंडीज के खिलाफ। पिछले वर्ष यानी 2018 में जब वेस्टइंडीज की टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज भारत में खेलने आई थी तब भारत के विकेटकीपर रिषभ पंत थे। इन दो मैचों में रिषभ पंत ने 5 कैच लिए थे जबकि उन्होंने 2 खिलाड़ियों को स्टंप आउट किया था। रिषभ ने 7 खिलाड़ियों को अपना शिकार जरूर बनाया था, लेकिन उनकी विकेटकीपिंग स्किल पर खूब सवाल उठे थे। इसके बाद रिषभ ने अपनी विकेटकीपिंग में सुधार लाने के लिए एनसीए में विशेष प्रैक्टिस भी की थी। हालांकि पंत की विकेटकीपिंग तकनीक पर विदेश में भी सवाल उठे थे।

भारत में साहा की विकेटकीपिंग

रिद्धिमान साहा ने अब तक 32 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से उन्होंने 18 टेस्ट भारत में ही खेले हैं। वो भारत में साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड,  इंग्लैंड, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया व श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल चुके हैं। साउथ  अफ्रीका की बात करें तो उन्होंने इस टीम के खिलाफ भारत में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और नागपुर में 2010 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। वहीं साउथ अफ्रीका के पिछले दौरे यानी 2015 में वो इस टीम के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेल चुके हैं। यानी अपनी धरती पर वो प्रोटियाज के खिलाफ पांच टेस्ट मैच खेल चुके हैं। वहीं रिषभ पंत को अपनी धरती पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक भी टेस्ट मैच खेलने का अनुभव नहीं है। इसके अलावा हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि धौनी के टेस्ट से संन्यास के बाद साहा को टेस्ट टीम का विकेटकीपर चुना गया था। यानी टेस्ट के लिए उन्हें बेस्ट विकेटकीपर माना गया था। पंत को टेस्ट की जिम्मेदारी तब दी गई जब वो चोटिल होकर टीम से बाहर हो गए थे।

अब जबकि साहा कि टेस्ट टीम में वापसी हो चुकी है तो उन पर भरोसा किया जा सकता है। वैसे भी रिषभ वेस्टइंडीज के खिलाफ फेल रहे थे। उनकी बल्लेबाजी फॉर्म भी अच्छी नहीं चल रही है जबकि साहा ने वापसी के बाद घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है और अच्छी फॉर्म में भी हैं। यानी निचले क्रम पर वो रन बनाने की भी क्षमता रखते हैं। ऐसे में टेस्ट चैंपियनशिप की बात को दिमाग में रखते हुए रिषभ की जगह टेस्ट में साहा को मौका देना बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों ही लिहाज से ज्यादा अच्छा होगा।

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Posted By: Sanjay Savern

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