वाशिंगटन, जेएनएन। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले काउंटी सलेक्ट के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेलने उतरी। 20 जुलाई से शुरू हुए तीन दिवसीय मैच में भारत की तरफ से रोहित शर्मा कप्तानी करने उतरे। कप्तान विराट कोहली और उप कप्तान अजिंक्य रहाणे अस्वस्थ होने की वजह से मैच नहीं खेल रहे थे।

काउंटी एकादश टीम के चोट और कोविड-19 से जुड़े क्वारंटाइन के कारण अपने खिलाड़ियों को गंवाने के बाद भारत के युवा खिलाड़ी आवेश खान और वाशिंगटन सुंदर इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की इस टीम की ओर से अपने ही देश की टीम के खिलाफ खेलने उतरे। तीन दिवसीय प्रथम श्रेणी मैच में आवेश ने 9.5 ओवर गेंदबाजी भी की जिसके बाद उनके हाथ के अंगूठे में चोट लग गई और इसके कारण उनके मैच में आगे हिस्सा लेने की संभावना नहीं है। बीसीसीआइ की मेडिकल टीम उन पर निगरानी रख रही है। उन्हें यह चोट हनुमा विहारी के शाट को रोकते समय लग गई।

बीसीसीआइ के अनुसार, ईसीबी ने भारतीय टीम प्रबंधन से आग्रह किया कि भारतीय दल में से दो खिलाड़ी काउंटी एकादश की ओर से खेलने के लिए दें क्योंकि उनके कुछ खिलाड़ी चोटिल होने या कोविड-19 पाजिटिव व्यक्ति के करीबी संपर्क के कारण उपलब्ध नहीं हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वाशिंगटन और आवेश को उनकी टीम की ओर से खेलने के लिए उपलब्ध कराया गया।

वाशिंगटन को काउंटी एकादश के खिलाड़ियों के समूह में एकत्रित होने से बचते हुए देखा गया और उन्होंने सिर्फ विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों के साथ मुक्के टकराकर जश्न मनाया। अभ्यास मैचों के दौरान खिलाड़ियों का अपनी ही टीम के खिलाफ उतरना नई चीज नहीं है। वाशिंगटन को हालांकि पहले दिन चाय के विश्राम से पहले तक कप्तान विल रोड्स ने गेंदबाजी का मौका नहीं दिया।

गौरतलब है कि यह मामला नया नहीं है। इससे पहले भी सचिन तेंदुलकर ने विपक्षी टीम से खेलते हुए क्षेत्ररक्षक किया था। सचिन जब 14 साल के थे तो उन्होंने 1987 में ब्रेबोर्न स्टेडियम में भारत के खिलाफ मैच के दौरान इमरान खान की अगुआई वाली पाकिस्तान की टीम के लिए क्षेत्ररक्षण किया था। तेंदुलकर उस मैच में बाल वाय थे और अब्दुल कादिर की जगह क्षेत्ररक्षण करने उतरे थे।