नई दिल्ली, जेएनएन। India vs South Africa 2nd test match 2019: भारतीय गेंदबाजो ने दक्षिण अफ्रीका के आठ विकेट एक समय 162 रन पर ही निकाल दिए थे, लेकिन केशव महाराज (Keshav Maharaj) और वर्नोन फिलेंडर बड़ी साझेदारी करने में कामयाब रहे और मेजबान टीम के गेंदबाज आखिरी दो विकेट निकालने के लिए जूझते रहे। यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय गेंदबाजों को इस कमजोरी का सामना करना पड़ा है। पिछली कुछ सीरीज में खासकर इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ऐसा कई बार हुआ। इसी वजह से भारतीय टीम ने टेस्ट जीतने के मौके तक गंवा दिए थे।

केपटाउन में मिली थी हार 

पिछले साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भी भारत को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ी थी। केपटाउन में सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में शुरुआती छह विकेट 202 रन तक झटक लिए लेकिन अंतिम चार बल्लेबाजों ने 84 रन जोड़े। फिलेंडर और कैगिसो रबादा की दमदार गेंदबाजी की बदौलत मेजबानों ने भारत की पहली पारी 209 रन पर समेट दी। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 130 रन पर सिमटी और 208 रन का लक्ष्य मिला लेकिन मेजबान टीम के गेंदबाजों ने भारत को 135 रन पर ढेर कर मैच 72 रन से जीत लिया।

इंग्लैंड ने भी दी मात

इंग्लैंड के खिलाफ पिछले साल अगस्त में भी भारत की यही कमजोरी सामने आई। सीरीज के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की दूसरी पारी में उसके सात विकेट 87 रन तक गिर गए लेकिन फिर अंतिम तीन बल्लेबाजों आदिल राशिद, स्टुअर्ट ब्रॉड और सैम कुर्रन ने स्कोर 180 रन तक पहुंचा दिया। भारत को 194 रन का लक्ष्य मिला लेकिन दूसरी पारी में वह 162 रन पर ऑलआउट हो गया और उसे 31 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी।

ऑस्ट्रेलिया से किसी तरह जीते

दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में भारत की पहली पारी 250 पर सिमटी और मेजबान टीम के पहली पारी में छह विकेट 127 रन तक गिर गए। फिर अंतिम चार बल्लेबाजों ने स्कोर 235 तक पहुंचा दिया। दूसरी पारी में भारत 307 रन पर ऑलआउट हुआ और मेजबानों को 323 रन का लक्ष्य मिला। भारत ने सात विकेट 187 रन तक ले लिए लेकिन फिर अंतिम तीन बल्लेबाजों की मदद से स्कोर 291 तक पहुंच गया। हालांकि विराट की खुशकिस्मती रही कि मैच जीतने में कामयाबी मिली।

पुणे में फिर यही दिक्कत

पुणे टेस्ट में भी भारत को अंतिम दो विकेट लेने में काफी परेशानी हुई। हालांकि अश्विन ने फिरकी में फंसाकर केशव महाराज को शिकार बनाया और साझेदारी को तोड़ा लेकिन पुछल्ले बल्लेबाजों से पार पाना भारत की कमजोरी साबित हो रहा है।

 

Posted By: Sanjay Savern

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