नई दिल्ली, जेएनएन। ICC World Cup 2019: महेंद्र सिंह धौनी ऐसे फिनिशर माने जाते रहे हैं जो टिक गए तो मैच जीतना लगभग तय था। 50 बार वनडे में वे नाबाद रहे, जिनमें से 47 बार भारत को मैच में जीत मिली। लेकिन धौनी अब वो फिनिशर नहीं रहे। इस वर्ल्ड कप में धौनी के बल्ले से रन तो निकल रहे हैं, लेकिन अब वह धार नहीं रही। वो लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का, वो मिड विकेट पर चार रन, अब नहीं दिखते। धौनी इस विश्व कप में बड़े शॉट्स मारने में भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। यही कारण है कि क्रिकेट के दिग्गज उनकी बल्लेबाजी पर अब सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या सचिन तेंदुलकर, क्या सौरव गांगुली, क्या संजय मांजरेकर और क्या नासिर हुसैन, सबने धौनी की आलोचना की है। करें भी क्यों न। धौनी खेल भी तो ऐसा ही रहे हैं। उनकी स्ट्राइक रेट गेंदबाजों जितनी हो गई है। यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि हालिया आंकड़े बता रहे हैं।

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इस विश्व कप के अगर आप आखिरी दस ओवर्स में खराब बल्लेबाजों करने वालों की स्ट्राइक रेट देखें तो टॉप-5 में धौनी का भी नाम शामिल है। इस लिस्ट में नंबर एक पर साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 92 है। वहीं, दूसरे नंबर पर मौजूद हैं एक और भारतीय बल्‍लेबाज केदार जाधव। जाधव का स्ट्राइक रेट 102 का है। तीसरे नंबर पर 102 की स्ट्राइक रेट के साथ बांग्लादेश के मुशफिकुर रहीम मौजूद हैं। चौथे नंबर पर न्यूजीलैंड के जीमी नीशम, जिनका स्ट्राइक रेट 117.1 का है। इसके बाद आते हैं 'फिनिशर' धौनी। आखिरी के दस ओवर्स में धौनी का स्ट्राइक रेट 120.4 का है, जो धौनी के नाम को शोभा नहीं देता।

वहीं, स्पिनर्स के खिलाफ भी धौनी का स्ट्राइक रेट बहुत अच्छा नहीं है। स्पिनर्स के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 50 से भी कम है। इसी तरह वह बीच के ओवर्स में भी तेजी से रन नहीं बना पा रहे हैं।

धीरे खेलने के लिए एक ओर जहां धौनी की आलोचना हो रही है, वहीं दूसरी ओर उन्‍हें समर्थन भी मिल रहा है। टीम के कप्तान विराट कोहली भी उनके पक्ष में बोल चुके हैं। वहीं, बैंटिग कोच संजय बांगर का कहना है कि धौनी परिस्थिति के मुताबिक खेल रहे हैं। लोग कुछ भी कह लें, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि धौनी ना तो स्पिनर्स को मार पा रहे हैं और ना ही आखिरी ओवर्स में रन बटोर पा रहे हैं। 

Posted By: Rajat Singh

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