नई दिल्ली, जेएनएन। श्रीलंका के खिलाफ पिछले दो मैचों में अहम खेल दिखाकर भारत के लिए जीत के नायक बनने वाले महेंद्र सिंह धौनी ने अपने आलोचकों को भी अपना मुरीद बना लिया है। रविवार को हुए मैच में चार शीर्ष बल्लेबाजों के फ्लॉप हो जाने के बाद धौनी ने जिम्मेदारी संभाली और नाबाद 67 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। 

 

सीरीज से पहले यह थी हालत

इससे पहले वाले मैच में तो धौनी ने और भी जबरदस्त पारी खेली थी और नाबाद 45 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इस सीरीज से पहले धौनी को टीम में रखने पर भी संशय था और कहा मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा था कि धौनी टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज चने जाने के लिए सहज विकल्प नहीं हैं। यानी अगर वह अच्छा नहीं खेलते हैं तो टीम के पास दूसरे विकल्प मौजूद रहेंगे। 

 

शास्त्री भी नहीं थे धौनी से खुश

धौनी इससे पहले भी आलोचकों के निशाने पर आए हैं, उनकी फॉर्म खराब रही है, लेकिन मैनेजमेंट ने धौनी के खिलाफ कोई बात कही हो, ऐसा पहली बार देखने को मिला था। यही नहीं, बताया जाता है कि रवि शास्त्री भी इन दिनों धौनी के प्रदर्शन से बहुत खुश नहीं थे। शास्त्री और धौनी के बीच अच्छे रिश्ते नहीं बताए जाते। धौनी ने शास्त्री के डायरेक्टर रहते ही टेस्ट कप्तानी को अलविदा कहा था, क्योंकि तब कोहली और शास्त्री की नजदीकी के नए समीकरण बन रहे थे। 

 

अब ऐसे बदली अपनी किस्मत 

खैर, धौनी ने अपनी हालिया दो पारियों से अपने 'विरोधी' रहे रवि शास्त्री की तारीफ हासिल की है। दूसरे वनडे में भारत की जीत के बाद शास्त्री ने धौनी के साथ अभ्यास सत्र की फोटो शेयर की और लिखा कि ऐसे अनुभव बाजार में नहीं मिलते हैं। 

पुराने 'साथी' की लूटी तारीफ

शास्त्री ही नहीं, धौनी के एक और आलोचक माने जाने वाले पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी धौनी की इन पारियों के बाद उनके मुरीद हो गए हैं। आपको बता दें कि धौनी ने जब टीम इंडिया की कमान संभाली थी तो सहवाग भी उभरते खिलाड़ी थे और कप्तानी के तगड़े दावेदार थे। लेकिन वहां धौनी बाजी मार ले गए थे। उसके बाद, सहवाग के टीम से बाहर होने और करियर खत्म होने के पीछे की एक वजह बताई जाती है कि वह धौनी की गुड लिस्ट में नहीं थे। लेकिन धौनी ने अपने बल्ले से सहवाग की तारीफ भी हासिल की है। 

 

तो अगले विश्व कप तक हैं धौनी? 

सहवाग ने कहा है, 'मुझे नहीं लगता कि कोई और खिलाड़ी फिलहाल धौनी की जगह ले सकता है। ऋषभ पंत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें धौनी की जगह लेने के लिए अभी और समय चाहिए। ऐसा विश्व कप के बाद ही हो सकता है। हमें धौनी के विकल्प के बारे में 2019 के बाद ही सोचना चाहिए। तब तक पंत को अनुभव लेना चाहिए।'

वीरू के उपनाम से मशहूर सहवाग ने कहा कि प्रशंसकों यह दुआ करनी चाहिए कि धौनी 2019 तक फिट रहें, उन्हें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि वह रन बना रहे हैं या नहीं। सहवाग ने कहा, 'मध्यक्रम और निचले क्रम में जो अनुभव धौनी के पास है वह किसी अन्य के पास नहीं।' 

 

धौनी का कोई विकल्प नहीं

बीच में ऐसी भी खबरें थीं कि अगर धौनी फॉर्म में नहीं रहते तो लोकेश राहुल विकेट के पीछे की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन सहवाग ने कहा कि ऐसा करना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'मैं कभी ऐसे विचार का समर्थन नहीं करूंगा, जिसमें नैसर्गिक विकेटकीपर के अलावा किसी और को विकेट के पीछे खड़ा किया जाए। 50 ओवर का मैच इंडियन प्रीमियर लीग के 20 ओवर के मैच से काफी अलग होता है। यहां स्टंपिंग या कैच छूटने से मैच का रुख पूरी तरह बदल सकता है। यहां ऐसा जोखिम नहीं लिया जा सकता।' सहवाग का कहना इसलिए भी सही है, क्योंकि धौनी की भले ही उम्र थोड़ा ज्यादा हो गई हो, लेकिन विश्व क्रिकेट में उनके जैसा चुस्त विकेटकीपर अब भी कोई नहीं है। 

 

अब आराम से कटेंगे कुछ दिन

तो कहा जा सकता है कि धौनी ने अपनी दो पारियों से न केवल अपने फैंस का बल्कि अपने आलोचकों का दिल भी जीत लिया है। फिलहाल आने वाले कुछ समय तक आलोचकों की नजरें उनसे हटकर किसी दूसरे खिलाड़ी पर रहेंगी। 

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Posted By: Bharat Singh

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