नई दिल्ली, जेएनएन। Happy Birthday Sunil Gavaskar: पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर को आज पूरी दुनिया लिटिल मास्टर के नाम से पहचानती है। उन्होंने अपने करियर में टेस्ट और वनडे मिलाकर 35 शतक लगाए। साथ ही 10 हजार से ज्यादा रन बनाए, लेकिन क्या आपको पता है अगर उनके चाचा नारायण मौसेरकर न होते तो वे क्रिकेटर नहीं मछुवारे होते। दरअसल, 10 जुलाई 1949 को सुनील गावस्कर का जन्म हुआ था। जन्म के बाद उनके रिश्तेदार और परिजन अस्पताल देखने पहुंचे। गावस्कर के कान के पास छोटा सा छेद है। इसे उनके चाचा मौसेरकर ने देख लिया था। 

गावस्कर के चाचा जब अगले दिन फिर अपने नन्हे भतीजे से मिलने आए और उसे गोद में उठाकर खिलाने लगे तो अचानक चौंक गए। हुआ यूं कि उनकी नजर गावस्कर के कान पर पड़ी। बच्चे के कान के पास छोटा छेद नहीं था। यानी ये बच्चा वो नहीं था जिसे वे पहले दिन खिला रहे थे। इसके बाद वे तुरंत हरकत में आए और अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। प्रबंधन ने पहले तो इसे गलतफहमी बताकर इसे बात को नकार दिया, लेकिन जब चाचा ने बताया कि उन्होंने अच्छी तरह बच्चे के कान के पास छेद देखा था तो अस्पताल स्टाफ सनी को ढूंढने पर राजी हुआ।  

इसके थोड़ी ही देर बाद पास वाले कमरे में कान के पास छेद वाला बच्चा मिल गया। मामले की पड़ताल के बाद  पता चला कि नर्स की गलती से सनी को एक मछुआरे की पत्नी के पास सुला दिया गया था। जबकि, मछुआरे के बेटे को गावस्कर की मां के पास सुला दिया गया था। सनी के चाचा की सतर्कता ने नर्स की इस गलती को सुधार दिया। अगर गावस्कर के चाचा की नजरें पारखी नहीं होती तो शायद भारतीय टीम को सुनील गावस्कर न मिलता। 

सुनील गावस्कर ने इस बात का खुलासा अपनी किताब सनी डेज में किया है। उनकी किताब की शुरुआत ही इस वाक्ये से होती है। बहरहाल, सुनील गावस्कर का आज जन्मदिन है। वे आज 70 साल के हो गए हैं।

गावस्कर का करियर 

सुनील गावस्कर ने 125 मैच की 244 पारी में 10122 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 51.1 का रहा और उन्होंन 34 शतक और 45 अर्धशतक लगाए। इसके अलावा उन्होंने 108 वनडे मैच की 102 पारी में 35.1 की औसत से 3092 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 27 अर्धशतक और एक शतक लगाए।   

Posted By: Tanisk