नई दिल्ली, जेएनएन।  भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच गुरुवार से लॉर्ड्स में खेला जाएगा। पहला टेस्ट हारने के बाद भारत को इस टेस्ट में हर हाल में वापसी करनी ही होगी। वैसे भी भारत के लिए ये मैदान भले ही ज्यादा लकी ना रहा हो लेकिन पिछले दौरे पर टीम इंडिया ने इकलौता टेस्ट इसी मैदान पर जीता था।

अब उस मैच के दो हीरो इस मैच में भी दिखेंगे। अजिंक्य रहाणे पिछली बार यहां खेले थे तो उन्होंने शतक लगाया था, इसलिए सभी फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि इस मैदान पर वह अपनी खोई हुई फॉर्म वापिस हासिल कर लेंगे।

वहीं पिछली बार के महानायक इशांत शर्मा इस बार और घातक हो चुके हैं, पहले मैच में उन्होंने जिस तरह प्रदर्शन किया उससे साफ है कि इस बार इंग्लैंड उनका सामना नहीं कर पाएगा। इशांत पिछली बार जब यहां खेले थे तो उन्होंने यादगार गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम को एक एतिहासिक जीत दिलाई।

लॉर्ड्स में साल 2014 में हुए मैच का हाल, कैसे बार बार पिछड़ने के बाद भी जीती टीम इंडिया

साल 2014 की बात है भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। हर बार की तरह सभी पूर्व खिलाड़ियों को लग रहा था कि भारतीय टीम सीरीज के सारे मैच फिर से हार सकती है क्योंकि इससे पहले साल 2011 में हुई 4 मैचों की सीरीज में धोनी की कप्तानी वाली टीम का 4-0 से सफाया हुआ था।

अब इस सीरीज के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छा संघर्ष दिखाया और किसी तरह मैच ड्रॉ करा लिया। अब दूसरा टेस्ट मैच हुआ लॉर्ड्स में, जी हां उसी लॉर्ड्स में जहां मौजूदा टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।

अब भारतीय फैंस के मन में कई सवाल थे, सवाल होना लाजमी भी है क्योंकि इससे पहले भारत केवल एक बार लॉर्ड्स में जीत पाया था। अब भारत को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी और एक वक्त स्कोर 135 रन पर 7 विकेट था, इसके बाद फैंस को लगा कि वही पुरानी कहानी दोहराइ जा रही है। लेकिन इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 90 रन की साझेदारी की।

इन दोनों ने स्कोर किसी तरह 250 के करीब पहुंचाया। इस दौरान रहाणे ने इंग्लैंड की धरती पर अपना पहला शतक भी जड़ दिया अंत में भारतीय पारी 395 रन पर सिमट गई। 

अब इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 319 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से गैरी बैलेंस ने शतक लगाया, वहीं भारत की तरफ से भुवनेश्वर कुमार ने 6 विकेट लिए। यहां से मैच बराबरी पर था, कोई नहीं जानता था कि कौन जीतेगा। पहली पारी में 26 रन से पिछड़ने के बाद भारत ने दूसरी पारी में भी 235 रन पर अपने 7 विकेट खो दिए थे।

इस वक्त भारत के पास 209 रन की लीड़ थी। लेकिन इसके बाद रवींद्र जडेजा और भुवनेश्वर कुमार की जादुई अर्धशतक की बदौलत स्कोर 342 रन कर पहुंचा दिया। इन दोनों के लिए जादुई शब्द इसलिए लिखा क्योंकि उस वक्त इंग्लैंड के गेंदबाजी अपनी पूरी लय में बल्लेबाजी कर रहे थे।

 जब मैच के सबसे बड़े महानायक बनकर उभरे इशांत

अब इंग्लैंड को अगर टेस्ट मैच जीतना था तो उसे 319 रन बनाने थे, लेकिन मैच की चौथी पारी में इशांत शर्मा भारत के सबसे बड़े हीरो के रूप में निकले। जैसा आप फिल्मों में देखते हैं ना कि अंत में हीरों आता है और अपने लोगों को मुश्किल से छुड़ा लेता है, उसी तरह इशांत आए और इंग्लैंड के बल्लेबाजों को पस्त कर अपनी टीम को एक यादगार जीत दिलाई।

इशांत के लिए ये प्रदर्शन इसलिए भी खास था क्योंकि इससे पहले वह पूरे मैच में बेरंग दिख रहे थे। चौथी पारी में भी एक वक्त ऐसा आया जब ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड ये लक्ष्य हासिल कर लेगी। लेकिन इशांत ने हीरो की तरह एंट्री ली और एक के बाद के 7 विकेट लेकर अपनी टीम को लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर पहली जीत दिलाई। 

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Posted By: Lakshya Sharma