नई दिल्ली, जेएनएन। तेज गेंदबाजों का खौफ हमेशा ही क्रिकेट की दुनिया में चर्चा का विषय रहा है। इसका तोड़ निकालने में इंग्लैंड के बल्लेबाज डेनिस एमिस का नाम सबसे ऊपर है। 43 साल पहले एमिस को ही क्रिकेट में सबसे पहले हेलमेट के इस्तेमाल का श्रेय जाता है। उनके नाम वनडे क्रिकेट और विश्व कप का पहला शतक भी है। इस सप्ताह मंगलवार को ही वह 77 साल के हुए हैं।

वनडे पदार्पण में ही पहला शतक

इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज एमिस ने वनडे का पहला शतक (103 रन) जमाया था। उन्होंने 24 अगस्त 1972 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर में ये उपलब्धियां हासिल की थी। यह उनका पदार्पण मैच था। दुनिया का यह दूसरा वनडे मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था।

विश्व कप का पहला शतक भी एमिस के नाम है। उन्होंने पहले विश्व कप के दौरान लॉ‌र्ड्स (सात जून 1975) में भारत के खिलाफ 137 रन बनाए थे। मदन लाल ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया था। यह विश्व कप का पहला मैच था। मजे की बात है कि एमिस का शतक पूरा होने के कुछ ही ओवरों के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान ग्लेन टर्नर ने एक दूसरे मैच में ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ एजबेस्टन में शतक लगा दिया था।

कैरी पैकर विश्व सीरीज में हेलमेट लाना पड़ा

43 साल पहले वह भी एक दौर आया, जब कैरी पैकर विश्व सीरीज क्रिकेट में तूफानी गेंदबाजी के मामले में दहशत बन चुके थे। विश्व सीरीज के पहले ही सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डेविड हुक्स कैरेबियाई तेज गेंदबाज एंडी रॉब‌र्ट्स के खतरनाक बाउंसर (दिसंबर 1977) पर अपना जबड़ा तुड़वा बैठे थे। इसी के बाद डेनिस एमिस उस सीरीज में अपना सिर बचाने के लिए हेलमेट के साथ पिच पर उतरे।

दरअसल, तेज गेंदबाजों से बचने के लिए एमिस को एक तरकीब सूझी। वह ऑस्ट्रेलियाई और वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों को खेलने के लिए एक कंपनी से मोटरसाइकिल वाला हेलमेट उठा लाए। हालांकि ऐसा हेलमेट लगाकर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। इसके बाद 1978 में टेस्ट क्रिकेट में पहली बार हेलमेट का इस्तेमाल किया गया। जब वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन टेस्ट में ग्राहम यलप ने डेनिस एमिस से सीख लेते हुए विंडीज के तेज आक्रमण का सामना किया।

Posted By: Sanjay Savern

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