जेएनएन, कानपुर। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में हमेशा ही टेस्ट क्रिकेट को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और दो बार की वर्ल्ड कप विजेता टीम भारत का प्रदर्शन भी क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में काफी अच्छा रहा है। भारतीय टीम इस समय टेस्ट क्रिकेट की टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर है। टेस्ट क्रिकेट के सालों पुराने इतिहास में भारतीय टीम के खिलाड़ियों का बोलबाला इस फॉर्मेट में रहा है। इसी सिलसिले में हम भारत की ऑलटाइम टेस्ट टीम पर नजर डालेंगे।

गावस्कर और सहवाग पर ओपनिंग की जिम्मेदारी

भारतीय टीम के इतिहास में सुनील गावस्कर जैसा खिलाड़ी मिलना काफी मुश्किल है। गावस्कर ने अपने टेस्ट करियर में 125 मुकाबले खेले जिसमें 51.12 की औसत से 10,122 रन बनाए। इसमें 34 शतक भी शामिल हैं। एक छोर पर जब गावस्कर हों तो दूसरे छोर पर वीरेंद्र सहवाग जैसा बल्लेबाज होना चाहिए, जोकि अपने आक्रामक अंदाज से पूरे मैच का रुख बदल सकता है। सहवाग ने अपने टेस्ट करियर में 104 मुकाबलों में 49.34 की औसत से 8586 रन बनाए। इसमें 23 शतक भी शामिल हैं।

मिडिल ऑर्डर है या दीवार?

भारतीय टीम की बल्लेबाजी का सबसे सुनहरा दौर था जब मध्यक्रम में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज बल्लेबाज थे। द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में 164 टेस्ट मुकाबलों में 52.31 की औसत से 13288 रन बनाए, जिसमें 36 शतक शामिल हैं। सचिन तेंदुलकर का नाम विश्व की किसी भी इलेवन में आएगा ही। सचिन ने 200 टेस्ट में 51 शतक और 53.79 की औसत से 15921 रन बनाए। संकटमोचन वीवीएस लक्ष्मण ने 134 मुकाबलों में 45.5 की औसत से 8781 रन बनाए, जिसमें 17 शतक शामिल हैं।

विराट और धौनी के बिना कैसी टीम इंडिया?

टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली मौजूदा दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कोहली ने 82 टेस्ट मुकाबलों में 54.78 की औसत से 7066 रन बनाए हैं। दूसरी तरफ महेंद्र सिंह धौनी के बिना यह टीम अधूरी है। धौनी ने टेस्ट कॅरियर में 90 मैच खेले, जिसमें 38.09 की औसत और 6 शतक की बदौलत 4876 रन बनाए। धौनी ने कीपिंग करते हुए 294 शिकार भी किए हैं। इसमें 256 कैच और 38 स्टंपिग शामिल हैं। धोनी इस टीम के कप्तान भी होंगे।

टर्बनेटर और जंबो पर स्पिन की जिम्मेदारी

भारतीय टीम के दो दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले (जंबो) और हरभजन सिंह (टर्बनेटर) ने भारत को साथ मिलकर और अकेले अपने दम पर कई मैच जिताए हैं। दोनों के रिकॉर्ड भी काफी शानदार हैं। कुंबले ने 132 टेस्ट मैचों में 29.65 की औसत से 619 विकेट लिए। इस बीच उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 74/10 है। बल्ले के साथ कुंबले ने एक शतक की बदौलत 2506 रन बनाए। हरभजन सिंह ने अपने टेस्ट करियर में 103 मैच खेल हैं, जिसमें 32.46 की औसत से 417 विकेट लिए हैं। उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 84/8 हैं। बल्ले के साथ हरभजन ने 2 शतक की बदौलत 2225 रन बनाए।

जैक और कपिल देंगे तेज गेंदबाजी को धार

भारत को 1983 विश्व कप जिताने वाले कपिल देव का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में शानदार रहा है। कपिल देव ने 131 टेस्ट मैचों में 29.65 की औसत से 434 विकेट लिए। एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83/9 है। बल्ले के साथ कपिल ने 8 शतक की बदौलत 5248 रन भी बनाए। जहीर खान यानि जैक भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ बाएं साथ के तेज गेंदबाजों में से एक हैं। जहीर ने 92 टेस्ट मैचों में 32.95 की औसत से 311 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87/7 है।

Posted By: Digpal Singh

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