नई दिल्ली, जागरण स्पेशल। महेंद्र सिंह धौनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज ही के दिन साल 2007 में माही ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। 14 सितंबर 2007 को पाकिस्तान के खिलाफ आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप के पहले सीजन में धौनी ने भारतीय टीम का पहली बार नेतृत्व किया था। इस मैच में धौनी ने ऐसा चक्रव्यूह रचा था, जिससे पाकिस्तान चारों खाने चित हो गया था। 

साल 2007 में कैप्टेंसी डेब्यू करने वाले धौनी बाद में टी20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट के भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक बन गए। इतना ही नहीं, वे दुनिया के पहले ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने भारत को आइसीसी के तीनों टूर्नामेंट जिताए हैं। अपनी कप्तानी में धौनी ने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और आइसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी भारतीय टीम को जिताई है। दुनिया का कोई भी कप्तान ये कमाल नहीं कर पाया है।

धौनी का कैप्टेंसी डेब्यू मैच हो गया था रद 

धौनी का कप्तानी डेब्यू 13 सितंबर को स्कॉटलैंड के खिलाफ हुआ था, लेकिन ये मुकाबला टॉस के बाद नहीं हो सका था। ऐसे में अगले दिन यानी 14 सितंबर 2007 को भारतीय टीम धौनी की कप्तानी में पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरी और पाकिस्तान को एक रोमांचक मैच में धूल चटाई। हालांकि, ये मैच टाई रहा था, क्योंकि दोनों टीमों ने 141-141 रन बनाए थे और फिर बोल आउट हुआ था। 

स्कॉटलैंड के बाद पाकिस्तान के खिलाफ टॉस हारने वाले धौनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। भारत ने रोबिन उथप्पा की अर्धशतकीय पारी और धौनी की 33 रन की पारी के दम पर 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 141 रन बनाए। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम भी 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 141 रन ही बना सकी और मैच टाई हो गया। 

इसके बाद दोनों देशों के बीच बोल आउट (Bowl Out) हुआ, क्योंकि आइसीसी के नियम के अनुसार उस समय यही प्रक्रिया थी कि मैच टाई होने की स्थिति में दोनों देशों के खिलाड़ियों को बिना बल्लेबाज के 5-5 बार विकेट को हिट करना होगा। इस दौरान भारत का नंबर पहले था और फिर धौनी ने ऐसा चक्रव्यूह बुना जिसमें पाकिस्तान की टीम डरबन के मैदान पर चारों खाने चित हो गई। 

फिर धौनी ने रचा चक्रव्यूह

धौनी ने बतौर कप्तान पहले ही मैच में ऐसा जाल बिछाया जो आज तक याद किया जाता है। बोल आउट के लिए धौनी ने जिन पांच गेंदबाजों को चुना उनमें सबसे पहला चौंकाने वाला नाम वीरेंद्र सहवाग का था जो उस समय गेंदबाजी करते थे। दूसरे नंबर पर हरभजन और तीसरे नंबर पर रोबिन उथप्पा का नाम था, जबकि चौथे पर इरफान पठान और फिर एस श्रीसंत का नाम था। 

उधर, पाकिस्तान के कप्तान शोएब मलिक ने मोहम्मद आसिफ, उमर गुल, यासिर अराफात, सोहेल तनवीर और शाहिद अफरीदी को चुना। बोल आउट में सबसे पहले वीरेंद्र सहवाग ने भारत की ओर से अपनी पहली गेंद को स्टंप्स से हिट करा दिया। इसके बाद पाकिस्तान के यासिर अराफात आए, जो स्टंप्स को हिट नहीं करा पाए। भारत की ओर से दूसरी गेंद हरभजन सिंह ने फेंकी और उन्होंने भी स्टंप्स हिट किए। 

वहीं, पाकिस्तान की ओर से आए उमर गुल भी विकेट को हिट नहीं कर पाए। तीसरे राउंड के लिए आए रोबिन उथप्पा ने गेंद से स्टंप्स को हिट कर दिया और भारत ने 3-0 की लीड ले ली। उधर, पाकिस्तान की ओर से तीसरी गेंद शाहिद अफरीदी ने फेंकी और वो भी स्टंप्स को मिस कर गई और इस तरह भारत ने पाकिस्तान पर जीत दर्ज कर ली, जो धौनी की कप्तानी में पहली जीत थी। बता दें कि ये वर्ल्ड कप भी भारत ने ही पाकिस्तान को हराकर जीता था।  

 

Posted By: Vikash Gaur

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