नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टीम इंडिया टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज भी हार गई। केएल राहुल की कप्तानी वाली टीम का वनडे सीरीज में हार का सबसे बड़ा कारण गेंदबाजों का खराब प्रदर्शन रहा। वे क्विंटन डिकाक, तेंबा बावुमा और रासी वान डेर डुसेन समेत अन्य दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के आगे जूझते दिखाई दिए। बता दें साल 2018 में टीम इंडिया जब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर आई थी, तो उसका प्रदर्शन शानदार रहा था। तब टीम छह मैचों की सीरीज 5-1 से जीती थी। इस जीत में लेग स्पिनर यजुवेंद्रा चहल का योगदान काफी अहम रहा था, लेकिन साल 2022 में जूझते दिखे।

साल 2018 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वनडे सीरीज में यजुवेंद्रा चहल ने काफी घातक गेंदबाजी की थी। उन्होंने छह मैचों में  52.1 ओवर में 16.37 की औसत से 16 विकेट लिए थे। प्रोटियाज बल्लेबाजों ने उनके आगे घुटने टेक दिए थे। दूसरे वनडे में 8.2 ओवर में उन्होंने 22 रन देकर पांच विकेट लिए थे। तीसरे वनडे में उन्होंने 4 विकेट लिए थे। कुलदीप यादव ने उनका साथ निभाया था। दोनों फिरकी गेंदबाज जब एक साथ खेलते तब काफी प्रभावी दिखते थे। कुलचा के नाम से मशहूर इस जोड़ी के सामने बीच के ओवरों में रन बनाना काफी मुश्किल होता था। पिछले कुछ समय से दोनों एक साथ नहीं खेले हैं।

अब अगर साल 2022 के दक्षिण अफ्रीका दौरे की बात करें तो यजुवेंद्रा चहल काफी जूझते दिखे हैं। तीन मैचों में उन्होंने 29 ओवर किए और 49 की औसत से केवल दो विकेट लिए। उनके जोड़ीदार रविचंद्रन अश्विन की हालत भी ऐसी ही रही है। अरसे बाद वनडे टीम में वापसी करने वाले अश्विन का प्रदर्शन काफी सधारण रहा। उन्होंने दो मैचों में 20 ओवर किए और 121 रन देकर महज 1 विकेट लिए। तीसरे मैच में जयंत यादव उनकी जगह खेले और 10 ओवर में 53 रन दिए और एक भी विकेट नहीं लिया। 

Edited By: Tanisk