नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने संन्यास लेने के एक साल बाद बताया कि अब वो चिंता से मुक्त हैं। जब तक खेलते थे तो अच्छी नींद नहीं आती थी जब से इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा है चैन से सोते हैं। 20 जून 2019 को युवराज ने अपने 14 साल लंबे करियर को खत्म करने का फैसला लिया था।

युवराज ने संन्यास के एक साल बाद इस बात का खुलासा किया कि जब तक उन्होंने देश के लिए खेला के एक जिम्मेदारी महसूस करते थे। गौरव कपूर से बात करते हुए युवराज ने बताया, "जिस दिन मैंने संन्यास लिया उसी दिन से आजाद महसूस कर रहा हूं।"

युवराज ने आगे कहा, "इसमें तो कोई शक नहीं कि वो एक भावुक क्षण था और इसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता लेकिन बहुत ज्यादा आजाद महसूस कर रहा हूं। काफी सालों तक मैं चैन से सो नहीं पाता था अब मैं आराम से सोने लगा हूं। अब मैं बहुत ही ज्यादा सुकून महसूस करता हूं। मैं एक ऐसी जगह पर पहुंच गया था जहां मानसिक तौर पर क्रिकेट मेरी मदद नहीं कर रहा था। मैं बस अपने आपको खींच रहा था और सोचता रहता था मैं कब संन्यास लूंगा, क्या मुझे संन्यास ले लेना चाहिए।"

इस खेल से मुझे काफी सम्मान हासिल हुआ

"जब अपने जीवन में तेज रफ्तार से बढ़ते रहते हैं तो चीजों के बारे में आपको पता नहीं चलता और अचानक से आपको लगता है अरे यहां क्या हो रहा है। मैं दो तीन महीने के लिए किसी और वजह से घर पर बैठा था। मुझे लगता है कि आपको भी यह महसूस हुआ होगा कि परिवार के साथ वक्त बिताने को आप कितना मिस करते हैं।" 

"मैं भी खेल को कभी कभी मिस करता हूं लेकिन ज्यादा नहीं क्योंकि मैंने काफी सालों तक खेला। मुझे फैंस के काफी सारे संदेश मिले, मैं खुद को काफी सौभाग्यशाली महसूस कर रहा था। सबसे ज्यादा जो सम्मान इस खेल ने मुझे दिया है उसपर मुझे गर्व होता है।"

 

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