मुंबई, रायटर। भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहला विश्व कप अपने नाम कर इतिहास रचा था। उस विश्व कप में भारतीय टीम के ऑलराउंडर मोहिंदर अमरनाथ के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया था। कुछ उसी तरह से इस बार भी इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले आइसीसी विश्व कप में भारतीय टीम की ऑलराउंडरों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगी होगी, जिसमें हार्दिक पांड्या, विजय शंकर और रवींद्र जडेजा शामिल हैं।

अमरनाथ ने कहा, अगर आपके पास दो-तीन अच्छे ऑलराउंडर होते हैं तो यह आपकी टीम को संतुलन प्रदान करता है। यह आपको एक अच्छा विकल्प देता है कि आप बाकी की कैसी टीम के साथ जाना चाहते हैं। सफेद गेंद के आस-पास बहुत कुछ सीम नहीं रही है और हम इंग्लैंड में कई हरे विकेट नहीं देख पाएंगे। संभवत: मौसम की भी भूमिका रहेगी। वैसे सभी कहते हैं कि एक संतुलन की जरूरत होती है। एक शानदार ऑलराउंडर जरूरी नहीं है कि वह चौथा ही गेंदबाज हो या पांचवां, वह तीसरा गेंदबाज भी हो सकता है जो नियमित रूप से गेंदबाजी कर सकता है। वह एक शीर्ष क्रम का बल्लेबाज हो तो टीम को संतुलित करता है।'

अमरनाथ ने आगे कहा, 'कोई सात, कोई आठ, नौ या 10 नंबर पर कब बल्लेबाजी करने आ रहा है ये महत्वपूर्ण नहीं है, इसलिए मुझे लगता है कि आपको ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो नंबर एक से छह तक बल्लेबाजी कर सके और 10 ओवर गेंदबाजी कर सके।'

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Posted By: Sanjay Savern