नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बीसीसीआइ के इस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिरकार क्यों शिखर धवन और महेंद्र सिंह धौनी जैसे खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेने की अनुमति दी जा रही है जबकि इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप में सिर्फ छह महीने शेष बचे हैं। इन छह महीनों में भारतीय टीम का शेड्यूल काफी व्यस्त है। शिखर धवन टेस्ट टीम में शामिल नहीं हैं और वो इस वक्त ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी 20 सीरीज खेलने के बाद अपने परिवार के साथ वक्त बिता रहें हैं। वहीं धौनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज एक नंबर को खत्म होने के बाद किसी भी तरह का कोई मैच नहीं खेला है।

गावस्कर ने कहा कि हमें धौनी और धवन से पूछना चाहिए कि आखिर आप घरेलू क्रिकेट में क्यों नहीं खेल रहे हैं। यही नहीं बीसीसीआइ और टीम के सेलेक्टर्स से भी हमें ये पूछना चाहिए कि क्यों वो उन खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में नहीं खेलने की अनुमति देते हैं जो भारत के लिए नहीं खेल रहे होते हैं। गावस्कर ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को इस वक्त खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहिए खासतौर पर धौनी को जो अपनी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचना झेल रहे हैं।

धौनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी 20 सीरीज में हिस्सा नहीं लिया था उससे पहले वो वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वो टेस्ट सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगे। धौनी ने अपना आखिरी मैच एक नवंबर को विंडीज के खिलाफ खेला था और अब वो जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेंगे यानी इन दोनों सीरीज के बीच काफी लंबा गैप हो जाएगा। अगर धौनी ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो विश्व कप में उनकी जगह को लेकर और सवाल खड़े होंगे। 

गावस्कर ने कहा कि जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है और आपके खेलने में गैप आता है तो आपकी प्रतिक्रिया करने की क्षमता पर असर पड़ता है। अगर आपको घरेलू लेवल पर किसी भी प्रारूप में खेलने का मौका मिलता है तो आपके पास लंबी पारी खेलने का मौका होता है। इससे आपको अच्छा अभ्यास मिलता है। 

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Posted By: Sanjay Savern