मुंबई, प्रेट्र। भारत में जन्मे न्यूजीलैंड के स्पिनर एजाज पटेल ने कहा कि वह और उनके साथी स्पिनर पहले टेस्ट में सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर पाने के दोषी हैं और शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में उन्हें सटीक गेंदबाजी करने की जरूरत है जिससे कि वो भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकें। 

पटेल ने कहा, 'मुझे लगता है कि स्पिन गेंदबाजी इकाई के रूप में संभवत: हम दोषी थे कि हमने लंबे समय तक स्टंप पर गेंदबाजी नहीं की। साथ ही वे (भारतीय बल्लेबाज) स्पिन के अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्होंने हमें अधिक मौके नहीं दिए।' पटेल ने तीन विकेट चटकाए, जबकि रचिन रवींद्र और विलियम समरविले के खाते में एक भी विकेट नहीं गया। इसके विपरीत अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्पिन तिकड़ी ने पहले टेस्ट में मिलकर 17 विकेट हासिल किए।

पटेल ने कहा, 'हमें सुनिश्चित करना होगा कि हम सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करें। मुझे यकीन है कि खिलाड़ी सबक लेंगे और अगले मैच में सामंजस्य बैठाएंगे, लेकिन उसके लिए विकेट अलग होगा। बल्लेबाजी के नजरिये से हमारे बल्लेबाजों ने उनके जैसे क्षमतावान स्पिनरों के खिलाफ उस विकेट पर शानदार प्रदर्शन किया, यह सामंजस्य बैठाने और सीखने तथा हमारे सामने जो परिस्थितियां हैं उनके अनुसार खेलने से संबंधित है।' पटेल और भारत में जन्मे रचिन रवींद्र ने पहले टेस्ट के अंतिम दिन नौ विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड को हार से बचा लिया। मुंबई में जन्मे पटेल ने कहा कि उन दोनों के लिए अपने जन्मस्थल की टीम के खिलाफ संघर्ष करके मैच ड्रा कराना शानदार था।

उन्होंने कहा, 'यह हमारे लिए शानदार लम्हा था। मुझे लगता है कि विडंबना यह है कि भारतीय विरासत वाले दो लड़के जो न्यूजीलैंड में पले-बढ़े, वे सबसे बड़े क्रिकेट देशों में से एक के खिलाफ यहां खेल रहे थे और ड्रा के लिए संघर्ष कर रहे थे। मुझे लगता है कि यह अपने आप में शानदार कहानी है, हमारे लिए यहां आना विशेष था और मुझे लगता है कि यह शानदार रहा।'

33 साल के पटेल ने कहा कि उनके लिए उस शहर में खेलना भावनात्मक लम्हा है जहां उनका जन्म हुआ। उन्होंने कहा, 'यह भावुक पल है। मैं इस बारे में सोच रहा था, कितनी बार मैं इस हवाई अड्डे से गया, लेकिन इस बार मैं न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। जब मैं हवाई अड्डे पर पहुंचा तो मेरे जहन में पहली बार मुंबई से जाने और पहली बार वापस आन की यादें ताजा हो गईं। यह मेरे लिए विशेष लम्हा था जिसे मैं भविष्य में सहेजकर रखूंगा।'

Edited By: Sanjay Savern