वीवीएस लक्ष्मण का कॉलम। भारत में पहले गुलाबी डे-नाइट टेस्ट के शुरुआती दिन ने मेरे रोंगटे खड़े कर दिए। इस मौके पर ईडन गार्डन्स पर 50,000 से अधिक लोगों की मौजूदगी में यह मैच देखना शानदार था। यह मुझे मेरे खेल के दिनों में वापस ले गया जब खेल के कठिन दौर के दौरान हमें दर्शकों की भीड़ से ही ऊर्जा मिलती थी।

यह एक और बात है कि विराट कोहली की इस भारतीय टीम का मैदान पर पहले ही अच्छे से परीक्षण हो गया। बीसीसीआइ और सीएबी की ओर से हमारे खेल के दिग्गजों को सम्मानित करना अदभुत था, लेकिन भारतीय खेलों में योगदान के लिए अन्य चैंपियन खिलाडि़यों को भी मैदान पर देखना संतुष्टिदायक था।

मैं बीसीसीआइ अध्यक्ष के रूप में सौरव गांगुली के उत्साहजनक शुरुआत को देख सकता हूं। दूसरी तरफ, भारतीय टीम चैंपियन की तरह खेली, जिसमें दिल्ली के दो खिलाडि़यों सहित टीम का सामूहिक प्रदर्शन भी शामिल था।

इशांत शर्मा की गेंदबाजी शानदार

इशांत शर्मा पिछले कई साल से एक सिपाही की तरह टीम के साथ रहे हैं और पिछले तीन साल में उन्हें पुरस्कार पाते हुए देखना बहुत अच्छा लगा। ईडन गार्डन्स में उनकी गेंदबाजी की लेंथ त्रुटिहीन थी, जब भारत दूधिया रोशनी में गेंदबाजी करता था। वह स्विंग कराने के लिए गेंद को पिच पर और आगे की तरफ फेंकते थे। यह हमेशा इस पर आधारित था कि भारतीय तेज गेंदबाज बल्लेबाजों को शॉट्स खिलाने के लिए आमंत्रित करेंगे, लेकिन बांगलादेश को निराश होना पड़ा क्योंकि उनके बल्लेबाजों ने मैदान पर संघर्ष नहीं किया।

मैच में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं और भारतीय आक्रमण अपने लय में था। मुश्फिकुर रहीम के अलावा अन्य बल्लेबाज अपने विकेट की अहमियत को नहीं समझ पाए।बांग्लादेश के बल्लेबाजों को वापस जाकर अच्छा करना चाहिए और विराट कोहली की पारी को देखना चाहिए, जिन्होंने एक और शतकीय पारी खेली।

इस टेस्ट सीरीज में विराट का अच्छा साथ चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने दिया, जिन्होंने अपनी-अपनी भूमिकाएं निभाई। इसी तरह गेंदबाजी में मुहम्मद शमी और उमेश यादव ने इशांत शर्मा का बखूबी साथ निभाया।

 

Posted By: Viplove Kumar

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