नई दिल्ली, आइएएनएस। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के शेड्यूल को परेशानी भरा बताया है, क्योंकि 19 जनवरी को भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी वनडे मैच खेला था। उसके अगले दिन यानी 20 जनवरी को टीम के आधे खिलाड़ी न्यूजीलैंड पहुंच गए थे, जबकि आधी टीम 21 जनवरी को ऑकलैंड पहुंची। वहीं, 24 जनवरी को भारत को पहला टी20 मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की परेशानी वहां की टाइमिंग से है, जिसमें भारत का समय न्यूजीलैंड के समय से करीब साढ़े 7 घंटे पीछे है।

5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले से एक दिन पहले कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के शेड्यूल को हेक्टिक बताया है। कोहली ने कहा है कि खिलाड़ियों ने एयरपोर्ट की जगह एक सीरीज से दूसरी सीरीज में स्टेडियम पर लैंड किया है। विराट ने कहा है, "भारत और यहां के समय में जल्दी से मिल जाना संभव नहीं है। आशा है कि भविष्य में इस तरह के शेड्यूल पर विचार किया जाएगा, लेकिन ये साल वर्ल्ड कप का साल है और हमारे लिए सारे टी20 मैच महत्वपूर्ण हैं। इसलिए हम अपना फोकस नहीं खोना चाहते।"

अधिकारियों ने जताई विराट के बयान पर नाराजगी

वहीं, विराट कोहली के हेक्टिस शेड्यूल वाले बयान पर बीसीसीआइ के अधिकारी नाखुश हैं और उन्होंने कहा है कि इस बात की जानकारी पहले से खिलाड़ियों को थी। ऐसे में उन्हें मीडिया से ये बात नहीं कर चाहेंगे। आइएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआइ के अधिकारी ने कहा है सभी को अपने विचारों को अवगत करने का अधिकार है, लेकिन बोर्ड ने जो भी संभव हो सकता है वो यात्रा के लिए किया है। खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई हैं।

बीसीसीआइ के अधिकारी ने कहा है, “सभी खिलाड़ियों को इस शेड्यूल की जानकारी थी। बोर्ड खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करता है। यही कारण है कि वर्ल्ड कप के बाद हमने सीरीज खेली, लेकिन दिवाली के समय सभी खिलाड़ियों को ब्रेक दिया था। ईमानदारी से कहूं तो ऑकलैंड के लिए रवाना होने से पहले अगर खिलाड़ियों को ब्रेक दिया जाता और फिर न्यूजीलैंड जाने के लिए कहा जाता तो बुरा लगता।"

वहीं, एक दूसरे अधिकारी ने कहा है कि ये प्लानिंग कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स(CoA) के कार्यकाल के दौरान हुई थी, यदि कोहली या टीम के किसी और सदस्य को परेशानी थी तो उनको बोर्ड के सचिव से बात करनी चाहिए थी, न कि मीडिया से। अधिकारी ने कहा है, "शेड्यूल काफी टाइट था, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सीओए के दौरान किसी ने इस पर उंगली उठाई होगी। अगर कोई शेड्यूल पर सवाल खड़े करता सचिव बात को आगे बढ़ाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

Posted By: Vikash Gaur

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