नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय कप्तान विराट कोहली चोटिल होने के कारण इंग्लैंड दौरे से पहले काउंटी क्रिकेट में नहीं खेल पाए, लेकिन इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि इससे उन्हें फायदा ही हुआ।

कोहली ने टीम के ब्रिटेन दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'यह मेरे लिए सबसे अच्छी चीज हुई। मैं वहां जाकर परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना चाहता था, क्योंकि वहां हमने बहुत अधिक मैच नहीं खेले हैं और हम चार साल बाद वहां खेलने जा रहे हैं। ऐसे में आप भूल जाते हो कि जब आप वहां आखिरी बार खेले थे तो परिस्थितियां कैसी थीं। मैं वहां 90 प्रतिशत की फिटनेस के साथ जाने के बजाय 110 प्रतिशत फिट होकर जाना चाहूंगा, जैसा कि अभी मैं महसूस कर रहा हूं। मुझे दौरे के लिए तरोताजा रहने की जरूरत है।

भारतीय टीम जब 2014 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी तो कोहली का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। जेम्स एंडरसन के सामने ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर उनकी क्षमता पर सवाल उठाए गए और वह एक भी अर्धशतक नहीं जमा पाए थे। कोहली से पूछा गया कि क्या अब वह खुद को बेहतर बल्लेबाज मानते हैं तो उन्होंने 2014 दौरे का लगातार जिक्र किए जाने पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि कई लोगों को लंबे समय से इंग्लैंड के पिछले दौरे की ही याद है। मुझे लगता है कि इस बीच हम चैंपियंस ट्रॉफी (2017) में खेले थे और इसका आयोजन बांग्लादेश में नहीं किया गया था।

कोहली से जब इस दौरे में लक्ष्यों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'इंग्लैंड के पिछले दौरे में भी मुझसे यह सवाल किया गया था। मैंने कहा था कि मैं वहां के दौरे का लुत्फ उठाऊंगा। मैं जानता हूं कि जब मैं अपने रंग में होता हूं तो अच्छा खेलता हूं। मैं अन्य लोगों की तरह नहीं सोचता कि मुझे अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। मैं जानता हूं कि मुझे वहां कैसी चुनौती मिलेगी।

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Edited By: Sanjay Savern

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