बर्मिंघम, पीटीआइ। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन अपने स्वर्णिम टेस्ट करियर में 22वीं बार शतक का जश्न मनाया। यह पारी साहस और दृढ़संकल्प से भरी रही क्योंकि उन्हें अन्य बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। कोहली ने अपने दम पर टीम इंडिया के लिए मैच संतुलित बनाया। कोहली ने 149 रन की बेहतरीन पारी खेली। हालांकि, कोहली ने एजबेस्टन की पारी को सर्वश्रेष्ठ नहीं करार दिया।

कोहली ने इसे बताया दूसरा सर्वश्रेष्ठ शतक

कोहली ने एजबेस्टन के शतक को करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ शतक करार दिया। उनका मानना है कि चार वर्ष पहले एडिलेड में लगाया शतक अधिक विशेष है। तब कोहली ने 141 रन की पारी खेली थी जबकि उनके सामने मिशेल जॉनसन, रेयान हैरिस और पीटर सिडल जैसे घातक तेज गेंदबाज थे। उस समय कोहली और जॉनसन के बीच काफी विवाद भी हुआ था। इससे विराट कोहली को विश्वास मिला और उन्होंने अपने टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ शतक जमाया।

इस वजह से खास है एडिलेड का शतक

कोहली ने कहा कि यह पारी एडिलेड के बाद दूसरी सर्वश्रेष्ठ है। मेरे लिए एडिलेड की पारी अधिक विशेष है क्योंकि लक्ष्य का पीछा करते हुए वह शतक लगाया था। मुझे स्पष्ट था कि हम लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। एक बार भी मुझे नहीं लगा था कि ऐसा नहीं होगा। ऐसी मानसिकता में रहकर बल्लेबाजी करने में बड़ा मजा आता है।

उमेश और इशांत ने भी दिया साथ 

इसके अलावा टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पुछल्ले बल्लेबाजों इशांत शर्मा और उमेश यादव की जमकर तारीफ की। टीम इंडिया ने आखिरी दो विकेट के लिए 92 रन की साझेदारी की। टीम इंडिया के कप्तान ने कहा कि मैं पुछल्ले बल्लेबाजों की भी तारीफ करूंगा। हार्दिक अच्छी तरह बल्लेबाजी कर रहा था। इसके बाद इशांत और उमेश यादव ने बेहतरीन प्रयास किया। मैं उन लोगों को श्रेय देता हूं, जिनकी बदौलत हम इंग्लैंड की पहली पारी के स्कोर के करीब पहुंच सकें। मुझे दोनों पर गर्व है।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें   

Posted By: Pradeep Sehgal