नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली इन दिनों काफी चर्चा में हैं। दैनिक जागरण के सहयोगी अखबार मिड डे में आए एक इंटरव्यू में अपनी माली हालात पर बात करते हुए कांबली ने बताया था कि वह काम करना चाहते हैं। किसी तरह से अगर वह मुंबई क्रिकेट में अपना योगदान दे पाएं और इस सेवा के बदले उनको पैसे मिले तो इससे दोनों का भला होगा।

दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शामिल सचिन तेंदुलकर के साथ स्कूल क्रिकेट में कांबली ने 664 रन की साझेदारी करते हुए सबका ध्यान खींचा था। इस पारी के बाद से इन दोनों ही बल्लेबाजों ने लगातार दमदार प्रदर्शन से भारतीय टीम तक का सफर तय किया। सचिन लगातार कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते गए जबकि कांबली शुरुआती सफलता के बाद खो गए। अब वह बीसीसीआइ से मिलने वाले 30 हजार से पेंशन पर गुजारा करने को मजबूर हैं।

Vinod Kambli: विनोद कांबली पैसे-पैसे के लिए हुए मोहताज, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए कुछ भी करने को तैयार

पूर्व भारतीय क्रिकेटर नियम कानून को मानते हैं और इस वक्त काम के लिए अपने पीने की आदत को तुरंत छोड़ने को तैयार हैं। कांबली को लेकर एक किस्सा ये भी सुनने में आया था कि मैच से पहले की रात 10 पैग पीने के बाद जब उनको कोच को अगले दिन इस खिलाड़ी के उठने की उम्मीद नहीं थी तब उन्होंने गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए शानदार शतकीय पारी खेली थी।

"कुछ नियम कानून हर जगह पर ही होते हैं जिसका पालन सभी को करना पड़ता है। अगर जो ऐसा कोई नियम है कि आप कुछ चीजों को बिल्कुल भी नहीं कर सकते हैं तो फिर उन चीजों को चाहे वो कोई भी हो उसे मानना ही पड़ेगा। मैं इसे (पीना) तत्काल से छोड़ दूंगा, अगर जो मुझे ऐसा करने के लिए कहा जाता है, इस बात को लेकर मुझे किसी तरह से कोई परेशानी ही नहीं है।"

"मैंने सीआसी (क्रिकेट इमप्रूवमेंट कमेटी) में शामिल किया गया था लेकिन यह एक आनरेरी जॉब थी। मैं एमसीए (मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन) के पास मदद मांगने के लिए गया था। मैंने बताया कि मुझे अपने परिवार का ध्यान रखना होता है। मैंने एमसीए से कई बार इस बात को कहा था कि जब कभी भी आपको मेरी जरूरत हो बताएं, मैं हमेशा ही उपलब्ध रहूंगा फिर चाहे वो वानखेड़े स्टेडियम से जुड़ा हो या बीकेसी। मुंबई क्रिकेट ने मुझे काफी कुछ दिया है। मैं अपना पूरा जीवन ही इसको देना चाहता हूं।"

 

Edited By: Viplove Kumar