वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में आया नाम तो भावुक हो गए पिता संजीव, कहा- देश को जीत दिलाए बेटा, रिकॉर्ड से मतलब नहीं
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे लिए चुनी गई टीम इंडिया में वैभव सूर्यवंशी जगह बनाने में सफल रहे और ये देख ...और पढ़ें
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वैभव को मिला टीम इंडिया में मौका

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जागरण संवाददाता, पटनाः वैभव सूर्यवंशी महज 15 साल की उम्र में टीम इंडिया में आ गए हैं। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सीनियर सेलेक्शन कमेटी ने शनिवार को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए चुनी गई भारत की टी20 टीम में चुना है। वैभव के पिता उनके चयन पर भावुक हो गए हैं।
वैभव की सफलता की कहानी केवल एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उसके परिवार के त्याग, समर्पण और वर्षों की मेहनत की भी है। इसी के दम पर वह टीम इंडिया में जगह बनाने में सफल रहे हैं। वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि बेटे का हालिया प्रदर्शन देखकर मुझे आशा थी कि वो एक दिन देश के लिए खेलेगा। इतनी जल्दी टीम में आएगा, ये नहीं सोचा था।
भगवान को कहा शुक्रिया
उन्होंने बताया कि शनिवार को जैसे ही खबर मिली कि वैभव का चयन भारतीय टीम में हो गया है, उसकी मां पूजाघर में भगवान को धन्यवाद करने बैठ गई। वैभव के पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का गवाह बनने की इच्छा जाहिर करते हुए संजीव ने कहा कि बेटा देश को वो जीत दिलाए, रिकॉर्ड कोई मायने नहीं रखते।
मीडिया से बात करते हुए संजीव ने कहा कि बेटे ने बहुत परिश्रम किया, मेहनत का उसे फल मिला। मैं अपना सबकुछ दांव पर लगा बेटे के पीछे लग गया। जब वे पांच साल का था तो उसे बैट-बॉल थमाया। नौ साल की उम्र में स्थानीय स्तर पर टूर्नामेंट खेलने लगा। शुरुआती दिनों से लाल गेंदों से खेलना शुरू किया। जब हम 50 की सोचते थे, वो 100 रन बना देता था। एक सत्र में 40-50 शतक मारता था। बचपन से खुद को दिखाना चाह रहा था कि वो अलग है। 50 ओवर के मैच में 332 रन बनाकर उसने सबका ध्यान खींचा था।
वैभव के लिए नहीं है मुश्किल
उन्होंने बताया कि आईपीएल खत्म होने के बाद मैंने उससे पूछा कि तुम बुमराह, मिचेल स्टार्क, हेजलवुड जैसे गेंदबाजों को इतनी आसानी से कैसे मार लेते हो, उसने जवाब दिया मेरे लिए ये कोई मुश्किल नहीं है। संजीव ने वैभव सूर्यवंशी की तरह अन्य बच्चों में क्रिकेटर बनने की ललक पर उदाहरण देते हुए कहा कि मेरा छोटा बेटा क्रिकेट खेलता है, पर वैभव जैसा नहीं। किसी की नकल न करें, अपनी तरह बनें।
