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'भावनाओं पर काबू पाना था मुश्किल...', Usman Khawaja की विदाई, 'होम ग्राउंड' पर आखिरी मैच के बाद छलका दर्द

Published: Thu, 08 Jan 2026 01:22 PM (IST)

Usman Khawaja: ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा ने सिडनी टेस्ट में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच खेला, जहाँ उन्हें गार्ड ...और पढ़ें

AUS vs ENG Ashes: Usman Khawaja की विदाई स्पीच

AUS vs ENG Ashes: Usman Khawaja की विदाई स्पीच

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Ashes Usman Khawaja Farewell Test Match: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के ओपनर उस्मान ख्वाजा को सिडनी टेस्ट मैच के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। यह उनके इंटरनेशनल क्रिकेट का आखिरी मैच रहा, जहां पांचवें दिन के खेल में स्टीव स्मिथ के विकेट गिरने के बाद बैटिंग करने उतरे। 

उनके मैदान पर कदम रखते ही स्टैंड्स पर बैठे फैंस जोरों-शोरों से उनका स्वागत करने लगे और उन्हें इंग्लिश प्लेयर्स ने गार्ड ऑफ ओनर भी दिया गया। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और मार्कस लाबुशेन से हाथ मिलाया। हालांकि, ख्वाजा अपने फेयरवेल मैच में महज 6 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने मैच के बाद बताया कि वह पूरे मैच के दौरान अपने इमोशन पर कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे।

Usman Khawaja की विदाई स्पीच

दरअसल, उस्मान ख्वाजा ने सिडनी टेस्ट में अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी टेस्ट मैच खेलने के बाद कहा, 

 

यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। इसके पीछे बहुत मेहनत और लंबा समय लगा है। यह अजीब है, क्रिकेट का खेल वाकई महान है। मैंने आज सुबह राच (उनकी पत्नी रशेल) से कहा था और उन्होंने मुझसे कहा कि बस इसका आनंद लो। मैं सिर्फ जीतना चाहता था। एशेज का अंत एक जीत के साथ करना चाहता था। मुझे इससे ज्यादा और कुछ नहीं चाहिए था। हालांकि मैं वहां जाकर रन बनाना चाहता था और विजयी रन मारना चाहता था, लेकिन मैं इस आखिरी जीत और अपने साथियों के साथ इसका जश्न मनाने के लिए आभारी हूं।

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उस्मान ख्वाजा

“इमोशनल कंट्रोल नहीं कर पा रहा था”

उन्होंने आगे कहा,

 

(आज मैदान पर पहुंचने के समय की भावनाओं पर) यह बहुत कठिन था। मैं शांत दिखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पूरे टेस्ट मैच के दौरान मुझे अपनी भावनाओं पर काबू पाना बहुत मुश्किल लगा। मैंने अपने पूरे करियर में अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने पर गर्व किया है। मैंने कभी विपक्ष या किसी और को अपनी भावनाएं जाहिर नहीं होने दीं। मुझे एकाग्रता बनाने में बहुत मुश्किल हुई। पहली पारी में भी मुझे अपनी लय हासिल करने में दिक्कत हो रही थी। और आज भी, यह... मेरा पूरा करियर, विशेष रूप से करियर का आखिरी हिस्सा, पूरी तरह से 'प्रक्रिया' पर टिका रहा है। लेकिन वहां जाकर ध्यान केंद्रित करना वाकई बहुत कठिन था।

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उस्मान ख्वाजा

इसके साथ ही उस्मान (Usman Khawaja Emotional) ने कहा कि उन्हें खुशी है कि टीम को जीत मिली और जीत की रेखा पार की। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर करियर को खत्म करना एक ऐसी बात है जिसे वह जीवन भर याद रखेंगे। सब बहुत अच्छे रहे हैं। उन्हें जो करियर मिला है, उसके लिए वह बहुत शुक्रगुजार हूं। अब वह  बस आराम कर सकते हैं,  सुबह आउट होने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने इस हफ्ते कई बार कहा है, उनका मन कृतज्ञता से भरा है।

उन्होंने कहा, 


अक्सर जीवन में हम इस बात की चिंता करते हैं कि हमें क्या चाहिए। हम हमेशा और ज्यादा चाहते हैं। लेकिन वापस आकर, बस आभारी होना जरूरी है। चाहे मुझे दो शून्य (ducks) मिलते या मैं दो शतक बनाता, मुझे जो दिया गया है उसके लिए आभारी रहना ही बड़ी बात है। यहां वापस आकर, मेरी तरफ से एक आखिरी शुक्रिया। मुझे जो कुछ भी मिला उसके लिए धन्यवाद। 88 टेस्ट मैच, दुनिया भर में इतने सारे रन बनाने का मौका मिला। बस हर चीज के लिए शुक्रिया। मैं इसी बात पर अपनी बात खत्म करना चाहता हूं। कुछ लोगों ने अपने परिवार को खो दिया है, लेकिन मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे माता-पिता अभी भी मेरे साथ हैं। वे इस अनुभव का हिस्सा बन सके और हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता। मेरा परिवार, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे और एक और बच्चा आने वाला है... जीवन को लेकर मेरा नजरिया हमेशा स्पष्ट रहा है। मुझे क्रिकेट के खेल से प्यार है, लेकिन क्रिकेट के बाहर की जिंदगी किसी भी चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण रही है।

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उस्मान ख्वाजा

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज 4-1 से अपने नाम की। उस्मान ख्वाजा ने इस सीरीज में बतौर ओपनर शुरुआत की थी, लेकिन बाद में ट्रेविस हेड को पारी का आगाज करने का मौका मिला, जिसकी वजह से ख्वाजा को मिडिल ऑर्डर में खेलना पड़ा। इस सीरीज में खेले गए 4 मैचों की 7 पारियों में उन्होंने 176 रन बनाए।

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